
मधुपुर/देवघर: पेयजल स्वच्छता विभाग में कार्यरत अनुबंध कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों का विरोध किया। सभी समन्वयक, अधिकारी और कर्मी 9 नवम्बर तक कलमबंद हड़ताल में रहेंगे। इसके बाद भी सरकार अगर मांग पूरी नहीं करती है तो 10 नवम्बर से राज्यभर के कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे।

इस बात की जानकारी जिला समन्वयक पंकज भूषण ने दी। उन्होंने बताया कि विभाग में 2012-13 से अधिकांश कर्मचारी, समन्वयक और कम्प्यूटर ऑपरेटर संविदा पर कार्यरत हैं। जिनके प्रयास और मेहनत से राज्य सरकार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। स्वच्छ भारत मिशन के फेज 2 का कार्य खत्म होते ही सभी की संविदा 31 मार्च 2021 को खत्म कर नई बहाली को प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। तबतक सभी को 3-3 माह का एक्सटेंशन दिया जा रहा है।

राज्य सरकार की नई नियुक्ति प्रक्रिया पर केंद्र सरकार ने भी आपत्ति जताते हुए लिखा है कि आवश्यकतानुसार सिर्फ रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाये लेकिन राज्य सरकार ने उसे भी नजरअंदाज कर दिया है। सरकार की नीतियों के खिलाफ स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अनुबंध कर्मचारी महासंघ ने सरकार को पत्र लिखकर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा कर दी है।
शनिवार को पेयजल स्वच्छता विभाग में कार्यरत अनुबंध कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों का विरोध किया। इस विरोध में रीना टोप्पो, संजय कुमार, गौतम महरा, बिजय कुमार राम, पलटू दास, रसीद अंसारी और विकास कुमार सहित सभी समन्वयक और कर्मचारी शामिल हुए।


