
रांची: झारखंड में अब कोरोना संक्रमित (Covid Positive) मरीज घर में आइसोलेट नहीं रह सकेंगे बल्कि संक्रमित मरीजों को कोविड अस्पताल में भर्ती होना होगा। इस संबंध में राज्य के अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) की तरफ से हर जिले के DC को निर्देश जारी कर दिया गया है।

हालाँकि अगर विशेष परिस्थिति में किन्हीं को होम आइसोलेशन में रहना होगा तब उन्हें उस जिले के DC से इजाजत लेनी होगी। अनुमति मिलने के बाद ही संक्रमित व्यक्ति होम आइसोलेशन में रह सकेंगे। होम आइसोलेशन में रहने के लिए मरीजों को एक आवेदन डीसी को देना होगा। मरीजों के होम आइसोलेशन में रहने के कारणों से पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद डीसी मरीज (केस टू केस बेसिस) को होम आइसोलेशन में रहने की अनुमति प्रदान कर सकते हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने राज्य के सभी उपायुक्तों को इस बावत निर्देश जारी किया है। साथ ही अब 24 घंटे के अंदर संक्रमित व्यक्तियों की कांटैक्ट ट्रेसिंग करा लेने का भी निर्देश दिया गया है।
गहन कांटैक्ट ट्रेसिंग जारी रहे: स्वास्थ्य सचिव
अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि पॉजिटिव पाए गए मरीजों से पूछताछ कर उसके कांटैक्ट की पहचान की जाएगी। ताकि, गहन कांटैक्ट ट्रेसिंग की जा सके। अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि कांटैक्ट ट्रेसिंग में पहचान किए गए मरीजों के संपर्क की कोविड जांच 24 घंटे के अंदर किए जाएं।
जानकारी हो कि फिलहाल कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर अगर व्यक्ति के ऑक्सीजन का सैचुरेशन स्थिर रहता है तो वे स्वेच्छा से अपने घर में रह कर अपना इलाज कराते हैं। सरकार की तरफ से जरूरत पड़ने पर इन्हें होम आइसोलेशन किट दी जाती है। जिला प्रशासन की तरफ से हर रोज इनके स्वास्थ्य का हाल जाना जाता है। वहीं, जिनकी स्थिति ज्यादा खराब रहती है उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट कराया जाता है। लेकिन नए आदेश के बाद अब कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मरीज को कोविड अस्पताल में भर्ती होना होगा।


