spot_img

सदियों पुरानी बेशकीमती मां दुर्गा की मूर्ति मंदिर से चोरी, ग्रामीणों में आक्रोश

1825 ई में सिंहवाहिनी (ठाकुरबाड़ी) मंदिर का निर्माण कर इस मंदिर में माता दुर्गा की मूर्ति स्थापित कर सभी ग्रामीण पूजा अर्चना करते थे। तब से लेकर गुरुवार सबेरे करीब साढ़े ग्यारह बजे तक मूर्ति को मंदिर में देखा गया है।

सारठ (देवघर): सारठ थाना क्षेत्र के सबैजोर गांव से बेशकीमती सात सौ वर्ष पुरानी मां दुर्गा की मूर्ति गुरुवार को चोरी कर ली गई है। जिसके बाद ग्रामीणों में आक्रोश है।

बताते चलें कि सबैजोर स्टेट के पूर्वज करीब 1810 ईस्वी में सबैजोर गांव आए थे और 1825 ई में सिंहवाहिनी (ठाकुरबाड़ी) मंदिर का निर्माण कर इस मंदिर में माता दुर्गा की मूर्ति स्थापित कर सभी ग्रामीण पूजा अर्चना करते थे। तब से लेकर गुरुवार सबेरे करीब साढ़े ग्यारह बजे तक मूर्ति को मंदिर में देखा गया है।

मंदिर से मूर्ति चोरी।

घटना के सम्बंध में बताया जाता है कि गुरुवार शाम को जब मंदिर के पुजारी देवली गांव निवासी नित्यानन्द तिवारी संध्या पूजा करने रोज की तरह मंदिर पहुँचा तो देखा कि मंदिर के कपाट खुले हैं और सिंहासन पर से मूर्ति गायब है। घटना की सूचना पर सभी ग्रामीण मंदिर परिसर में पहुंचे और काफी खोजबीन भी किया गया। लेकिन मूर्ति नहीं मिली। तुरंत इसकी सूचना थाने को दिया गया।

गांव के मुखिया व ग्रामीण कहते हैं कि यह मूर्ति अष्टधातु या सोना से निर्मित थी। जिसकी अनमोल कीमत है। यह मूर्ति हमारे पूर्वजों के पास करीब सात सौ वर्ष पूर्व से है। मूर्ति करीब दो सौ साल से इस मंदिर में स्थापित था। ग्रामीणों ने बताया कि इस मूर्ति का वजन करीब सवा दो किलो होगा। चोरी की घटना से सभी ग्रामीण आक्रोशित हैं और पुलिस प्रशासन पर नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं।

Leave a Reply

Hot Topics

Related Articles

Don`t copy text!