
रांची: रेमडेसिविर और अन्य जरूरी दवाओं की कालाबाजारी की जांच को झारखंड हाईकोर्ट ने संतोषजनक नहीं माना है। हाईकोर्ट ने सीआईडी के एडीजी को हाजिर हो कर जांच की जानकारी देने का निर्देश दिया है। दवाओं की कालाबाजारी के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने यह निर्देश दिया।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि मामले में किसी को बचाने की कोशिश की जा रही है। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि रेमडेसिविर की कालाबाजारी के मामले में राजीव सिंह को जेल भेज दिया गया है। एक अस्पताल संचालक और दवा दुकान संचालक का बयान दर्ज किया गया है। इस मामले में अभी अनुसंधान जारी है। जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस पर अदालत ने महाधिवक्ता से ग्रामीण एसपी के बारे में सवाल किया। महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि उनकी ग्रामीण एसपी से बात हुई है। उस समय लोग रेमडेसिविर और अन्य जरूरी उपकरण और दवाओं के लिए परेशान थे। उस समय की परिस्थिति को देखते हुए ग्रामीण एसपी ने सिर्फ किसी को मदद पहुंचायी थी। महाधिवक्ता ने बताया कि इस मामले में एसपी के बॉडीगार्ड और उनके ड्राइवर का बयान दर्ज कर लिया गया है और अनुसंधान जारी है। इस पर अदालत ने कहा कि अभी तक की जांच से वह संतुष्ट नहीं है।
अदालत ने सीआईडी के एडीजी को अगले सप्ताह अदालत में हाजिर हो कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।



