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E-Pass के ख़िलाफ़ High Court में PIL,याचिकाकर्ता ने HC से कहा:ईपास से सरकार लोगों की एक्टिविटी पर नजर रखना चाह रही है जो निजता का उल्लंघन है

रांची:

लॉकडाउन ( स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह)के दौरान रविवार से बढ़ायी गयी पाबंदियों के तहत शहर के अंदर भी वाहनों के परिचालन पर ई पास को अनिवार्य किए जाने के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी है।

अदालत से इस याचिका पर जल्द सुनवाई करने का आग्रह भी किया गया है। राजन कुमार सिंह ने अपने अधिवक्ता अनूप अग्रवाल के माध्यम से याचिका दायर की है।

याचिका में कहा गया है कि सरकार ने 16 से 27 मई तक शहर के अंदर भी वाहनों के परिचालन के लिए ई पास को अनिवार्य किया है। सरकार ने पास बनाने के लिए लोगों से वजह पूछा है। मतलब लोगों को अपनी हर गतिविधि की जानकारी देनी होगी। सरकार का यह नियम निजता के अधिकारी का उल्लघंन भी है।

याचिका में कहा गया है कि स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के दौरान सरकार ने सिर्फ जरूरी सेवाएं ही जारी रखने का निर्णय लिया है। जरूरी सेवा की दुकानें ही खोलने को कहा है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति बाहर निकलता है तो वह आवश्यक काम से ही निकलेगा। आपात स्थिति में यदि किसी को अचानक बाहर निकलना पड़े तो वह अपने दो पहिया वाहन तक का इस्तेमाल नहीं कर सकता, क्योंकि इसके लिए ई पास की जरूरत होगी। ई पास नहीं रहने पर लोगो को पुलिस की कार्रवाई का शिकार होना पड़ सकता है।

कि स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के दौरान लोगों की आवाजाही काफी कम है और बिना जरूरत के लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं। ऐसे में ई पास जारी किये जाने के लिए जो जानकारी मांगी जा रही है,उससे निजता का हनन होने की भी पूरी संभावना है, क्योंकि ई पास लेने के लिए हर गतिविधि की जानकारी साझा करनी होगी।

झारखंड के ग्रामीण इलाकों में लाखों ऐसे लोग हैं जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है । ऐसे में वो ई पास के लिए कैसे और कहां आवेदन करेंगे यह भी एक बड़ी परेशानी है।

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