
किशनगंज।

पश्चिम बंगाल में बिहार के सीमावर्ती किशनगंज नगर के थानाध्यक्ष (SHO) को पीट-पीटकर मार डाला।

घटना शनिवार सुबह करीब 3 बजे तब हुई, जब SHO बाइक चोरों की धड़पकड़ के क्रम में बिहार की सीमा से निकल पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर क्षेत्र में घुस गए। यह क्षेत्र किशनगंज टाउन थाना क्षेत्र के 12 किलोमीटर दूर ही है, इसलिए पुलिस टीम को अंधेरे में दूसरे राज्य की सीमा का अंदाजा नहीं लगा और अपराधियों ने बंगाल के लोगों को भड़का दिया।
बंगाल चुनाव में बिहार पुलिस की दखलंदाजी की बात सुन भड़के लोगों ने किशनगंज पुलिस टीम को घेर लिया। इस दौरान बाकी पुलिसकर्मी भागने में कामयाब रहे, लेकिन SHO अश्विनी कुमार समझाने में फंस गए। लोगों ने उनकी एक नहीं सुनी और पीट-पीटकर मार डाला। जिस जगह घटना हुई, वह गोलपोखर विधानसभा सीट के अंदर आता है और यहां 22 अप्रैल को मतदान होना है।
थानेदार अश्विनी कुमार पिछले 7 महीने से टाउन थाना का प्रभार संभाल रहे थे। मॉब लिंचिंग की घटना के बाद पूर्णिया IG सुरेश प्रसाद और किशनगंज SP कुमार आशीष प. बंगाल के इस्लामपुर पहुंच गए हैं।
प. बंगाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए इस्लामपुर अनुमंडल के अस्पताल में भेजा है।
पूर्णिया के IG सुरेश प्रसाद ने कहा कि गोवालपोखर थाना क्षेत्र के पांतापाड़ा गांव में मॉब लिंचिंग की घटना हुई है। बंगाल पुलिस की मदद से संयुक्त छापेमारी की जा रही है। सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
अश्विनी कुमार पूर्णिया जिले के जानकारी नगर थाना क्षेत्र के रहनेवाले थे। वे 94 बैच के इंस्पेक्टर थे। एक साल पहले ही उनका ट्रांसफर किशनगंज टाउन थाना में किया गया था।


