रांची।

पूर्व मध्य रेलवे के जीएम ललित चंद्र त्रिवेदी ने कहा कि रांची-बरकाकाना रेलखंड में बने रही नयी रेल लाइन इंजीनियरिंग का एक बड़ा मिसाल साबित होगा। इस रेल लाइन में पहाड़ का काट कर टनल बनाया गया है। जो देखने में इतना मनोरम है कि लोग इसे निहारते रह जायेंगे।

उन्होंने कहा कि इस लाइन के बनने से रांची से बरकाकाना की दूरी जो अभी 163 किलोमीटर है वह घट के 63 किलोमिटर रह जायेगी। इस रेल लाइन के बनने से पटना-रांची, रांची-दिल्ली का की दूरी कम होगी साथ ही सफर तीन घंटा कम हो जायेगा। इससे यात्रियों का समय बचेगा और रेलवे काे इंधन। उक्त बातें उन्होंने गुरुवार को रेलवे विश्राम गृह में कही।

श्री त्रिवेदी ने कहा कि रांची-बरकाकाना रेल लाइन का कार्य पूरी गति से चल रही है। इस रूट में चार टनल बनना था जिसमें तीन टनल बन कर तैयार है। चौथा टनल बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। उम्मीद है कि जून तक यह कार्य पूरा हो जायेगा। इस रेल लाइन में यातायात इस वर्ष के अंत तक शुरू करने की योजना है।
रेल लाइन बनने के बाद सबसे पहले मालगाड़ी का परिचालन किया जायेगा। इसके बाद मेल-एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन शुरू होगा। इस रेल लाइन में विस्टा डोम कोच चलाया जायेगा के सवाल पपर कहा कि झारखंड प्राकृतिक सौंदय से भरा प्रदेश है।
इस रेल लाइन में लोगों को प्राकृतिक सौंदर्य के अलावा झरना, पहाड़, टनल देखने को मिलेगा। जो यात्रियों को काफी आनंदित होगा। उन्होंने कहा कि गुरुवार का दिन झारखंड के लिए एतिहासिक है। पहली बार मेसरा स्टेशन में जो रांची- बड़काकना लाइन का हिस्सा है में एक रैक ऑटोमोबाइल कार लेकर आयी है। अब झारखंड में जो कारें चलेंगी उसका आवागमन भारतीय रेलवे के द्वारा किया जायेगा।
इन कारों का आवागमन अभी सड़क मार्ग से किया जाता है. जिसमें पांच से छह दिन लगता है। वहीं कार में स्क्रैच लगने की संभावना बनी रहती है। वहीं ट्रेन से कारों व अन्य वाहन का आवागमन से समय कम लगेगा और कारें भी सुरक्षित रहेगी।
धनबाद रेल मंडल में कोयले की लोडिंग में आयी गिरावट पर कहा कि चालू वित्तीय में इसमें कुछ कमी है लेकिन राजस्व के मामले में धनबाद रेल मंडल आज भी देश में नंबर है। लोडिंग बढ़ाने के लिए रेलवे द्वारा कई नयी रेल लाइन बनायी जा रही है. इसमें शिवपुर-कठौतिया लाइन आदि शामिल है।


