
देवघर।

देवघर शहर के बंगाली धर्मशाला से माफियाओं की नजरें हटने का नाम नहीं ले रही। यही वजह है कि प्रशासन के खौफ से दूर भू-माफिया बार-बार बंगाली धर्मशाला पर अपना कब्जा जमाने की कोशिश से बाज़ नहीं आ रहे।

एक बार फिर बंगाली धर्मशाला चर्चाओं में है। वजह है निगम प्रशासन की अनदेखी कर खुद को बंगाली धर्मशाला का मालिक बताने वाले कथित मालिक की बेखौफ कोशिश। दरअसल, बंगाली धर्मशाला के कथित मालिक ने न सिर्फ यहां लगे निगम के बोर्ड को उखाड़ कर फेंक दिया, बल्कि धर्मशाला में कार्य कर रहे निगम कर्मियों को भी रोक दिया. उसके बाद मुख्य गेट में अपना ताला जड़ चलते बने। जिसके बाद निगम प्रशासक ने कार्रवाई की कवायद तेज कर दी है।
देवघर नगर आयुक्त शैलेंद्र कुमार लाल ने रविवार को नगर थाना प्रभारी को आवेदन देकर भू-माफियाओं पर कार्रवाई करने की मांग की है। नगर आयुक्त ने घटना से संबंधित फोटो और वीडियो जिले को डीसी व एसपी को उपलब्ध कराया है। विडिओ व फोटो में भू-माफिया द्वारा मौके पर काम रोके जाने व निगम का बोर्ड हटाने की तस्वीरें साफ़ देखी जा सकती है।
नगर निगम आयुक्त द्वारा दिए गए आवेदन में कहा गया है कि बार-बार असामाजिक तत्वों व भू-माफियाओं के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के लिए अनुरोध के बावजूद कोई कार्रवाई न होने से उनका मनोबल बढ़ता जा रहा है। जिस कारण भू-माफिया उक्त जमीन पर अवैध कब्जा करने के लिए सरकारी कार्यों में बाधा पहुंचाने के साथ-साथ सरकारी कर्मियों को धमकी भी दे रहे हैं।
आवेदन में इस बात का भी नगर आयुक्त शैलेंद्र कुमार लाल ने जिक्र किया है कि एक सत्व वाद सिविल जज सीनियर एक देवघर में वाद संख्या 164/2011 अनिमा राय व अन्य बनाम देवघर नगर निगम में दायर इंजेक्शन पिटीशन अपील नं 114/2020 द्वारा दायर इंजक्शन पिटीशन को भी उच्च न्यायालय रांची द्वारा डब्लूपीसी नं 2379/2020 कमलेंद्र कुमार, जितेश राजपाल बनाम देवघर नगर निगम में पारित आदेश 14.12.2020 के निर्देशानुसार ससमय निष्पादित करते हुए वाद को खारिज कर दिया गया है। इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा फर्जी कागज़ात के सहारे सरकारी जमीन को हड़पने की साजिश की जा रही है। जबकि,निगम द्वारा उक्त जमीन को संरक्षित करने के लिए वहां कार्य कराया जा रहा है।
वही, बंगाली धर्मशाला के केयर-टेकर ने उपायुक्त से निगम के कर्मचारी और नगर आयुक्त के खिलाफ जमीन पर कब्जा व अभद्र व्यवहार करने की शिकायत की है।



