Deoghar: आजादी के दशकों बाद भी देवघर जिला के झारखंडी पंचायत में आधा दर्जन गांव को जोड़ने वाली एक अदद सड़क से ग्रामीण महरूम हैं। इस पंचायत के सिमरा पोज सहित, गादी बलिया, बधवारी , तिवारी कनाली , छिट बलिया गांवों को जोड़ने वाली सड़क आज तक नहीं बन पाई है। हालात ऐसे हैं कि यहां से गुजरने वाले ग्रामीणों को आने-जाने में सिर्फ दिक्कत का ही सामना करना पड़ता है।

इस रास्ते के जरिये करीब 6 गांव को जोड़ा जाता है। जिसमें सैंकड़ों परिवार रहते हैं। देवघर जिला के महज 8 किलोमीटर की दूरी पर बसा यह सभी गांव मूलभूत सुविधाओं से भी कोसों दूर है। यह रास्ता सिर्फ गांवों को ही नहीं बल्कि इस क्षेत्र के सबसे बड़े विद्यालय को भी जोड़ती है, जहां बच्चों को बरसात के दिनों में आने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीण बताते हैं कि सड़क आज तक बनी ही नहीं है। लगभग 100 परिवारों के हजारों लोग इसी के रास्ते के माध्यम से आते जाते हैं, लेकिन इनकी सुविधाओं का ख्याल रखने वाला कोई नहीं है। कई बार विभाग को इसकी सूचना दी गई है, इसके साथ ही जनप्रतिनिधि को भी सूचना दी गई है। बावजूद इसके उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।

स्थिति यह है कि दोनों तरफ खाई है। बीच में रास्ता है जिससे कभी भी दुर्घटना होने का संभावना बनी रहती है। वही मेडिकल इमरजेंसी में भी कोई भी वाहन इन सभी गांव में नहीं आना चाहता है। वजह है पक्की सड़क का न होना। कई बार इमरजेंसी के समय में यहां पर लोगों को भारी नुकसान सहना पड़ा है यह सभी ग्रामीण विभाग और जनप्रतिनिधि से गुहार लगा रहे हैं कि इन्हें मूलभूत सुविधाओं में से एक सड़क की सुविधा जल्द से जल्द मुहैया कराए , ताकि यहां के ग्रामीणों को आने जाने में परेशानी ना हो सके।



