New Delhi : केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Union Minister for Road Transport and Highways, Nitin Gadkari)ने शुक्रवार को कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार जल्द ही राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वाले वाहनों पर लगने वाले टोल पर यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा करेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों पर यूजर्स को लाभ पहुंचाने के लिए एक यूनिफॉर्म टोल नीति पर काम कर रही है।

गडकरी ने एनडीटीवी से कहा, “हमारी रिसर्च पूरी हो चुकी है और स्कीम की जल्द घोषणा की जाएगी।”
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों पर एक ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) आधारित टोल कलेक्शन सिस्टम शुरू करने पर काम कर रही है। इससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात का प्रवाह सुगम होगा।
गडकरी ने स्वीकार किया कि सोशल मीडिया पर टोल कलेक्शन को लेकर उन पर मीम्स बन रहे हैं।
इंटरव्यू में गडकरी ने कहा, “सोशल मीडिया पर कई लोग ट्रोल कर रहे हैं। कुछ लोग टोल को लेकर गुस्सा भी हैं। मैं बस यह कहना चाहता हूं कि टोल को लेकर ये गुस्सा कुछ दिनों में समाप्त हो जाएगा।”
भारत के पास दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क है। देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 1,46,195 किमी है। देश का टोल कलेक्शन 2023-24 में 64,809 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था, जो पिछले वर्ष की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक है।
केंद्रीय मंत्री गडकरी का बयान ऐसे समय पर आया है, जब करीब एक हफ्ते पहले आए आम बजट 2025-26 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स छूट की सीमा को बढ़ाकर 12.75 लाख रुपये तक कर दिया गया है।
इससे सरकार की आय एक लाख करोड़ रुपये कम होगी। वहीं, दूसरी तरफ आम आदमी के हाथ में अधिक पैसा बचेगा और लोग पहले के मुकाबले अधिक खर्च कर पाएंगे।
गडकरी ने आगे कहा कि यमुना को साफ किया जाएगा और नदी के दिल्ली हिस्से को सीप्लेन के लिए लैंडिंग स्ट्रिप के रूप में भी इस्तेमाल किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि गुजरात में साबरमती पर यह पहले ही सफलतापूर्वक किया जा चुका है। (IANS)



