
New Delhi: लोक लेखा समिति (PAC) के सदस्य और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने समिति के अध्यक्ष, कांग्रेस सदस्य केसी वेणुगोपाल पर संगीन आरोप लगाए हैं। दुबे का आरोप है कि वेणुगोपाल केंद्र सरकार को गलत तरीके से निशाना बनाने और भारत की आर्थिक स्थिरता को कमजोर करने के लिए अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। यह आरोप उन रिपोर्टों के मद्देनजर लगाया गया है, जिनमें कहा गया है कि पीएसी अमेरिकी फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा पेशेवर अनियमितता के आरोपों के बाद सेबी की अध्यक्ष माधबी पुरी बुच को पूछताछ के लिए बुला सकती है।

निशिकांत दुबे के आरोपों का विवरण 9 सितंबर को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे एक पत्र में दिया गया था, जिसमें उन्होंने वेणुगोपाल के दृष्टिकोण की आलोचना करते हुए इसे “असंवैधानिक और तिरस्कारपूर्ण” बताया था। साथ ही, वह देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए ‘टूल किट’ के हिस्से के रूप में काम कर रहे हैं। दुबे ने वेणुगोपाल पर यह आरोप ऐसे समय में लगाए हैं जब ऐसी खबरें सामने आई हैं कि समिति सेबी की अध्यक्ष माधबी पुरी बुच को तलब कर सकती है, जिन पर अमेरिकी कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च की ओर से पेशेवर अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं।

पीएसी ने देश के शीर्ष नियामक प्राधिकरणों के कामकाज की समीक्षा करने का निर्णय लिया है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) के प्रमुखों को 24 अक्टूबर को बुलाया है। दुबे ने नौ सितंबर को वेणुगोपाल के कथित ‘असंवैधानिक और तिरस्कारपूर्ण’ आचरण के खिलाफ बिरला को पत्र लिखा था। संयोगवश, पीएसी ने 4 अक्टूबर को निर्णय लिया कि बुच को 24 अक्टूबर को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया जाए। दुबे के कड़े शब्दों वाले पत्र से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि समिति में बहुमत में मौजूद सत्तारूढ़ भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सदस्य नियामक को मुश्किल में डालने के वेणुगोपाल के किसी भी कदम का विरोध कर सकते हैं।
‘असंवैधानिक और तिरस्कारपूर्ण आचरण का आरोप’
भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि वेणुगोपाल को कांग्रेस ने उन मुद्दों को उठाने के तरीके और साधन तैयार करने के लिए चुना है जो बेबुनियाद हैं, जिसका एकमात्र उद्देश्य सरकार को बदनाम करना और देश के वित्तीय ढांचे तथा अर्थव्यवस्था को अस्थिर करना है। निशिकांत दुबे ने वेणुगोपाल पर असंवैधानिक और तिरस्कारपूर्ण आचरण का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव में मतदाताओं की ओर से कांग्रेस को विपक्ष में बैठने के लिए मजबूर किए जाने के बाद समिति के अध्यक्ष राजनीति से प्रेरित होकर कार्य कर रहे हैं। कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने दुबे के इन आरोपों को लेकर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। दुबे ने कहा कि दुनिया के विभिन्न देश, जो भारत के विकास को पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने सेबी जैसे महत्वपूर्ण संगठनों को भ्रष्ट बताकर भारत की वित्तीय संरचना और अर्थव्यवस्था पर हमला करके इसे बदनाम करने के लिए ‘टूल किट’ तैयार किया है।
‘टूल किट’ का ‘इंडिया चैप्टर’ सक्रिय: निशिकांत दुबे
भाजपा नेता ने दावा किया कि हिंडनबर्ग जैसी विदेशी कंपनी की ओर से बुच के खिलाफ लगाए गए अपुष्ट आरोप इसी अभियान का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि इस ‘टूल किट’ का ‘इंडिया चैप्टर’ सक्रिय हो गया है। दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे अपने पत्र में कहा, ‘इसने अपनी ताकत का इस्तेमाल किया, जैसा कि वर्तमान में लोक लेखा समिति के अध्यक्ष के रूप में केसी वेणुगोपाल द्वारा किया जा रहा है, ताकि सरकार को और अधिक बदनाम किया जा सके। हमारी अर्थव्यवस्था की वित्तीय संभावनाओं को नुकसान पहुंचाया जा सके। इस बार भी, सेबी प्रमुख के खिलाफ हिंडनबर्ग रिसर्च नामक एक विदेशी संस्था की ओर से अपुष्ट आरोप लगाए गए हैं, जो देश के व्यापारिक घरानों, महत्वपूर्ण पदाधिकारियों और वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाने के लिए कुख्यात है।’
(Source: Agencies)


