Noida: नोएडा में सुपरटेक के ट्विन टावर को तोड़ने की तिथि 28 अगस्त रखी गई है। महज 9 सेकेंड के अंदर ट्विन टावर (Twin Tower) धराशाई हो जाएगा। इस ध्वस्तीकरण को लेकर दोपहर 2.15 से 2.45 तक नोएडा – ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे (Noida – Greater Noida Expressway) पूरी तरह से बंद रहेगा। नोएडा के ट्विन टावर के 28 अगस्त को ट्विन टावर के ध्वस्तीकरण से पहले नोएडा अथॉरिटी का इवैक्युएशन प्लान तैयार है। जिसके अनुसार ट्विन टावर के दोनों तरफ की सोसायटी के निवासियों को सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक अपना घर छोड़ना होगा. इस टावर के दोनों तरफ की सोसाइटी में 1396 फ्लैट हैं।

लेकिन सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट (Supertech Emerald Court) में रहने वाले लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इस सोसाइटी में रहने वाले लोग डर के साए में जीने को मजबूर हैं। लोग अपने परिवार के साथ खुद को यहां पर सुरक्षित नहीं महसूस कर रहे हैं। सुपरटेक एमेरल्ड कोर्ट में रहने वाले प्रताप चक्रवर्ती का फ्लैट ट्विन टावर से 9 मीटर की दूरी पर भी नहीं है। उन्होंने अपनी जिंदगी की गाढ़ी कमाई लगाकर 90 लाख में 2018 में यह प्रॉपर्टी खरीदी थी। तब से उनके परिवार का सुख-चैन खो चुका है। प्रताप चक्रवर्ती का कहना है की डिमोलिशन (Twin Tower demolition) के चलते उनका कितना नुकसान होगा यह कह पाना मुश्किल है। वह और उनका परिवार डर के साए में जीने को मजबूर हैं।
प्रताप चक्रवर्ती की तरह ही इस सोसाइटी में रहने वाले कई लोग डिमोलिशन को लेकर डरे हुए हैं, खुद आरडब्लूए (RWA) भी पूरी तरह से डिमोलिशन प्रोसेस को लेकर संतुष्ट नहीं दिखाई देता। अमरोल कोटा डब्ल्यू के अध्यक्ष यू बी एस तेवतिया के मुताबिक उन्हें डिमोलिशन प्रक्रिया से डर तो नहीं लग रहा है, लेकिन सब कुछ ठीक हो जाए। उन्होंने बताया कि इतनी मानसिक पीड़ा उनको कभी नहीं हुई जो इस दौरान हो रही है, साथ ही साथ यह सिर्फ डिमोलिशन हो यही उम्मीद की जा रही है।

ट्विन टावर ध्वस्तीकरण के दौरान रेजिडेंट्स को अपनी गाड़ियां भी परिसर से बाहर निकलना होगी। अगर किसी के पास एक से ज्यादा भी गाडियां हैं तो उनकी पार्किंग की व्यस्था अथॉरिटी करेगा, वहीं ट्विन टावर के चारों ओर एक्सक्लूजन जोन बनाया गया है। इसके आगे जाने की इजाजत किसी को नहीं होगी, वहीं आपातकालीन सेवा के लिए फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस ट्विन टावर के सामने अथॉरिटी के पार्क वाली सड़क पर मौजूद रहेंगे।
सुपरटेक के ट्विन टावरों को गिराने के लिए एडिफिस कंपनी ने सियान टावर में चार्जिंग प्रक्रिया विस्फोटक लगाने की प्रक्रिया पूरी कर ली है और एपेक्स टावर में चार्जिंग का काम 24 अगस्त तक पूरा हो जाएगा। इसे लेकर एडिफिस इंजीनियरिंग के प्रोजेक्ट मैनेजर मयूर मेहता ने जानकारी दी कि दोनों टावर में विस्फोटक लगाने का काम 13 अगस्त से शुरू हुआ था। मेहता ने कहा कि पिछले पांच दिन में एपेक्स टावर की तीन मंजिल के साथ ही सियान टावर में 10 ‘प्राथमिक’ और सात ‘द्वितीयक’ मंजिल पर विस्फोटक लगाने का काम पूरा कर लिया गया है।
विस्फोट के बाद 10-15 मिनट तक रहेगी धूल
अधिकारी ने बताया कि सियान से ऊंचे एपेक्स टावर की चार्जिंग में विभिन्न कारणों से अधिक समय लगेगा। क्योंकि इसमें प्रति फ्लोर 110 पिलर हैं और जैसे-जैसे नीचे के फ्लोर की चार्जिंग शुरू होगी, वहां विस्फोटक की मात्रा ज्यादा लगेगी। नीचे की मंजिलों पर चार्जिंग प्रक्रिया में अधिक समय लगेगा, मतलब साफ है कि प्रत्येक मंजिल को चार्ज करने में लगभग एक दिन का समय लगेगा। इस ध्वस्तीकरण को लेकर डीसीपी (यातायात) गणेश प्रसाद साहा ने कहा कि विस्फोट में कुछ सेकेंड लगेंगे और उसके बाद लगभग 10-15 मिनट तक धूल फैले रहने की आशंका है।
धूल आदि से बचने के लिए ट्विन टावर के आसपास के टावरों को जिओ फाइबर टैक्सटाइल से ढक दिया गया है, इसका असर महिलाओं बुजुर्गों मरीजों आदि पर पड़ रहा है। उस साइड के फ्लैटों में AC तक नहीं चलाया जा सकता। इससे उनको काफी परेशानी हो रही है, आलम ये है कि लोग खिड़की तक खोल नहीं सकते हैं।



