
New Delhi: स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Freedom Fighter Netaji Subhash Chandra Bose) की आज पुण्यतिथि है और एक बार फिर उनके परपोते चंद्रकुमार बोस ने सरकार से उनकी अस्थियां भारत वापस मंगाने की मांग कर डीएनए टेस्टिंग (DNA testing) की बात भी कही है। हालांकि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से भी मिलने का समय मांगा है ताकि वह इस मसले पर अपनी मांग रख सकें।
चंद्र कुमार बोस ने न्यूज़ एजेंसी आईएएनएस से कहा कि, हम आजादी के अमृत महोत्सव (Amrit Mahotsav) में उनको इतना सम्मान दें रहे हैं लेकिन अब समय आ गया है कि डीएनए के जरिए सभी जवाबों को ढूंढा जाए। आज भी जापान के रेकोंजी मंदिर (Rekkonji Temple of Japan) में सुभाष चंद्र बोस की अस्थियों का कलश रखा हुआ है।

सुभास चंद्र बोस को लेकर यह दावा किया जाता है कि 18 अगस्त 1945 में एक विमान हादसे में नेताजी की मृत्यु हो गई थी।

चंद्र कुमार बोस ने आगे कहा, जापान ने उनकी अस्थियों को इतने वक्त तक रखा है। मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का भी समय मांगा है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर उनसे जुड़े तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, उसे रोकना चाहिए और उनकी बेटी अनीता बोस हिंदू धर्म के मुताबिक उनकी अस्थियों को गंगा में विसर्जित भी करना चाहती हैं।
दरअसल, भारत को आजाद कराने के लिए नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने ‘तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ का नारा दिया था। बनारस से भी नेताजी का गहरा नाता था और वह कई बार काशी की गुप्त यात्रा पर आए थे। दावा है कि अंतिम समय के कुछ दिन उन्होंने काशी में अज्ञातवास भी किया था।


