
नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस अनूप जयराभ भांभानी ने कुछ डिजिटल न्यूज प्लेटफार्म की ओर से केंद्र सरकार के नई आईटी रुल्स को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने से खुद को अलग कर दिया है। इस मामले पर अगली सुनवाई 28 जून को होगी।

डिजिटल मीडिया संगठनों की ओर से वकील नित्या रामकृष्णन ने कहा कि नई आईटी रुल्स में न्यूज मीडिया को अतिरिक्त रेगुलेटरी व्यवस्था से गुजरना होगा। उन्होंने कहा कि मीडिया संगठनों को आईटी रुल्स के खंड तीन के तहत निरोधात्मक कार्रवाई से छूट मिलनी चाहिए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फिलहाल आईटी रुल्स पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा कि अगर मीडिया संगठनों के खिलाफ कोई निरोधात्मक कार्रवाई होती है तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए स्वतंत्र हैं।

बता दें कि पिछले मार्च महीने में हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था। मई महीने में चीफ जस्टिस डीएन पटेल की अध्यक्षता वाली बेंच ने ये कहते हुए सुनवाई टाल दिया था कि इस मसले पर सुनवाई की कोई जल्दबाजी नहीं है। कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई के लिए 4 अगस्त की तिथि तय की थी।
याचिका में कहा गया है कि नया आईटी रुल्स मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। आईटी रुल्स मीडिया के न्यूज कंटेंट को रेगुलेट करने की कोशिश है। याचिका में कहा गया है नए आईटी रुल्स से प्रेस काउंसिल एक्ट और प्रोग्राम कोड का महत्व खत्म हो गया है। याचिका में आईटी रुल्स की संवैधानिकता को चुनौती दी गई है। ये रुल्स संविधान की धारा 19(1)(ए) और धारा 14 का उल्लंघन है।


