

नई दिल्ली।

देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान को लेकर चुनाव आयोग की प्रेस वार्ता शुरू हो गई है। इस बार यह प्रेस वार्ता दिल्ली के विज्ञान भवन में हो रही है। इससे पहले इस संबंध में प्रेस वार्ता आयोग के कार्यालय पर होती थी।

बता दें कि पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में चुनाव होने हैं। पांच राज्यों में से एक असम में भाजपा की सरकार है। वहीं पुडुचेरी में पिछले हफ्ते कांग्रेस की सरकार गिरने से वहां राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है।
प्रेस वार्ता में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि कोरोना वायरस चुनौती के बीच चुनावों के लिए हमने मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए हैं और व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।
सुनील अरोड़ा ने कहा कि कोविड योद्धाओं, चिकित्सकों, पैरामेडिक्स, नर्सों, वैज्ञानिकों और हमारे सभी अधिकारी जो चुनावी ड्यूटी में अग्रिम पंक्ति में तैनात थे, हम उन्हें धन्यवाद कहते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में हुए विधानसभा चुनाव को सफलतापूर्वक सुनिश्चित कराने में इनका अहम योगदान रहा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए चुनाव आयोग ने राज्यसभा की 18 सीटों पर चुनाव के लिए ट्रायल शुरू किए थे। इसके बाद बिहार चुनाव की चुनौती आई, यह ईसीआई के लिए यह एक शानदार क्षण था। यह एक लिटमस टेस्ट की तरह सिद्ध हुआ।
अरोड़ा ने कहा कि इन चुनावों के दौरान कुल 824 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुडुचेरी में 2.7 लाख मतदान केंद्रों पर 18.68 करोड़ लोग अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे।
कहां कितनी सीटें, आरक्षण की स्थिति
सुनील अरोड़ा ने कहा कि असम विधानसभा का कार्यकाल 31 मई को समाप्त हो रहा है। यहां 126 विधानसभा सीट हैं। इनमें अनुसूचित जाति के लिए आठ, अनुसूचित जनजाति के लिए 16 सीटें हैं। बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 30 मई को समाप्त होगा। यहां 294 विधानसभा सीट हैं। इनमें अनुसूचित जाति की 68 और अनुसूचित जनजाति की 16 सीट हैं। पुडुचेरी में 140 विधानसभा सीट हैं। इनमें अनुसूचित जाति की 30 और अनुसूचित जनजाति की पांच सीट हैं। वहीं, केरल विधानसभा का कार्यकाल एक जून को पूरा होगा। यहां की 140 विधानसभा सीटों में से अनुसूचित जाति की 14 और अनुसूचित जनजाति की दो सीट हैं। 234 सीट वाली तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल 24 मई को पूरा होगा। इसमें अनुसूचित जाति की 44 और अनुसूचित जनजाति की दो सीट हैं।
सीएपीएफ बल की होगी तैनाती
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनावों के दौरान पर्याप्त सीएपीएफ बल तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। सभी महत्वपूर्ण, संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान की गई है और पर्याप्त संख्या में सीएपीएफ की तैनाती की जाएगी।




