Patna : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने जहानाबाद में पदस्थापित डीएसपी संजीव कुमार (DSP Sanjeev Kumar posted in Jehanabad) के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।

यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के केस में की गई है। यह मामला करीब डेढ़ करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति से जुड़ा है।

स्पेशल विजिलेंस यूनिट, पटना ने डीएसपी संजीव कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया था। यह मुकदमा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 की कई धाराओं के तहत दर्ज किया गया। डीएसपी पर लगभग 1 करोड़ 52 लाख रुपए की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप है, जो उनके ज्ञात वैध स्रोतों से कहीं अधिक है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत विजिलेंस टीम ने शुक्रवार को अधिकारी के खिलाफ एक्शन लिया। सुबह से ही पटना, खगड़िया और जहानाबाद स्थित उनके आवास और अन्य परिसरों में एक साथ छापेमारी की जा रही है।
अदालत ने इस संबंध में सर्च वारंट जारी किया था। उसी आधार पर विजिलेंस टीम ने शुक्रवार को छापा मारा। यह कार्रवाई डीएसपी स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में की जा रही है, जिसमें तीनों स्थानों पर टीमें सक्रिय हैं। हालांकि, इस छापेमारी में किसी बरामदगी और जब्ती को लेकर अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
इससे पहले, विशेष सतर्कता इकाई (एसवीयू) की कई टीमों ने इस साल जनवरी में पश्चिम चंपारण के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) रजनीकांत प्रवीण से जुड़े आधा दर्जन ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की थी।
मुफस्सिल थाना क्षेत्र के वसंत विहार इलाके में प्रवीण के आवास पर एक महत्वपूर्ण छापेमारी की गई। प्रवीण के घर से 1.87 करोड़ रुपए नकद बरामद होने की जानकारी सामने आई थी।
नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो-टॉलरेंस नीति अपनाई है। इसके तहत, एसवीयू की टीमें लगातार सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और राजनीतिक नेताओं पर सक्रिय रूप से नजर रख रही हैं।
राज्य के दिशानिर्देशों के अनुसार, सभी नेताओं, नौकरशाहों और कर्मचारियों को सरकार के समक्ष अपनी आय और उसके कानूनी स्रोतों की वार्षिक घोषणा करनी होगी। (IANS)



