
Jamui: जमुई जिले के एक स्कूल में मां सरस्वती के प्रतिमा वाले कमरे को तीन दिन तक बन्द रहने के बाद ग्रामीणों ने जमकर स्कूल के हेडमास्टर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों के द्वारा इसकी जानकारी सोनो पुलिस और अंचलाधिकारी को दी गई। पुलिस और सीओ ने स्कूल पहुंचकर स्कूल के कमरे में लगे ताले को खुलवाया और मां सरस्वती की पूजा कराया गया। इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। मामला सोनो प्रखंड के लालीलेवार पंचायत के गंडा इलाके के मध्य विद्यालय का है।

दरअसल स्कूल के हेड मास्टर के द्वारा 1 फरवरी को मां सरस्वती का प्रतिमा स्कूल में स्थापित करने के लिए लाया गया था। लेकिन प्रतिमा की पूजा नहीं कर उसे स्कूल के कमरे में तीन दिनों तक बंद कर रखा गया। चार दिनों से बंद कमरे में प्रतिमा पर बुधवार की सुबह ग्रामीणों की नजर पड़ी। इसके बाद हो हंगामा होने लगा। ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में जमकर हंगामा किया और हेड मास्टर पर सरस्वती पूजा नहीं करने का आरोप लगाया। हालांकि इस दौरान हेड मास्टर से जब बात करने की कोशिश की गई तो मौके से भागते हुए नजर आए।

ग्रामीण रघुनाथ यादव ने बताया कि 1 फरवरी को मूर्ति को लाकर रखा गया है। जिसकी पूजा नहीं की गई। रघुनाथ यादव ने आरोप लगाया कि स्कूल के हेड मास्टर ने प्रतिमा को कमरे में रखकर ताला लगा दिया। उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह दूसरे समुदाय से आते हैं। उन्होंने बताया कि अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी के आने के बाद ताला खोला गया और प्रतिमा की पूजा कराई गई।
वही नागेश्वर यादव ने बताया कि तीन दिन से स्कूल के कमरे में प्रतिमा बंद था। 1968 से लगातार इस स्कूल में सरस्वती पूजा हो रही है। लेकिन पिछले वर्ष से हेड मास्टर के द्वारा ऐसा किया जा रहा है। चार दिनों तक प्रतिमा बंदकर रखा गया यह गलत है। स्थानीय निवास यादव ने बताया कि मुस्लिम हेडमास्टर होने के कारण इनके द्वारा ऐसा किया गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि स्कूल के हेड मास्टर को जल्द से जल्द ट्रांसफर किया जाय।
इस मामले में सोनो अंचलाधिकारी सुमित कुमार आशीष ने बताया कि इस स्कूल में सरस्वती पूजा मिस मैनेजमेंट के कारण नहीं हो पाया। जिसकी सूचना मिलने के बाद स्कूल पहुंचकर सभी मिलकर मां की पूजा अर्चना की। इस मामले की जानकारी जिलाधिकारी को दी जाएगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी मामले की जानकारी दी जाएगी फिर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


