
Dumka: अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, द्वितीय राकेश कुमार मिश्रा की अदालत ने शनिवार को हंसडीहा थाना क्षेत्र के नोनीहाट में वर्ष 2017 में दहेज के लिए 28 साल की रेशमी देवी की हत्या में दोषी पाते हुए पति प्रवीण साह को दस और सास मनोरमा देवी को सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना की राशि 5-5 हजार नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

जानकारी के अनुसार देवघर जिला के जसीडीह थाना क्षेत्र के रोहिणी की रहने रेशमी देवी की शादी 2012 में नोनीहाट निवासी पारा शिक्षक प्रवीण कुमार साह के साथ हुई थी। शादी में अच्छा खासा दान दहेज देने के बाद भी ससुराल वाले पांच लाख की मांग कर रेशमी को प्रताड़ित करने लगे। पीड़िता ने जब उनकी मांग पूरी करने में असमर्थता जताई तो और प्रताड़ना का सिलसिला और बढ़ गया।

छह अगस्त 17 को प्रवीण ने साले रौशन साह को फोन कर बताया कि उसकी बहन की तबीयत खराब है। रौशन जब ससुराल गया तो बहन मृत पड़ी हुई थी। रौशन की सूचना पर हंसडीहा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लिया।
पुलिस ने भाई के बयान पर पति व सास के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया। पति को गिरफ्तार किया गया। अदालत में 9 गवाहों का बयान दर्ज हुआ। लोक अभियोजक चंपा कुमारी व बचाव पक्ष की वकील सोमा गुप्ता की बहस सुनने के बाद अदालत ने मां-बेटे को दहेज के लिए दोषी करार देकर सजा सुनाई।


