
Kishanganj: एक मरीज के ईसीजी जांच रिपोर्ट (ECG test report) दो सेंटर में सामान्य और एक सेंटर द्वारा हार्ट ब्लाक (RBBB) रिपोर्ट देने मामले में मरीज उपभोक्ता फोरम से लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तक भ्रामक जांच रिपोर्ट देने वाले डायग्नोस्टिक सेंटर (Diagnostic Center) की जांच की मांग कर रहे हैं। एक मरीज के एक ही जांच के तीन अलग अलग डायग्नोस्टिक सेंटर में जांच बाद अलग-अलग रिपोर्ट आना हर किसी को अचंभित कर रहा है।

लाइनपाड़ा निवासी पीड़ित मरीज बिरेंद्र तिवारी ने मामले की जांच के लिए सिविल सर्जन (civil surgeon) को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाया है। उन्होंने आवेदन में डा. जैन मेटरनिटी एवं डायग्नोस्टिक सेंटर द्वारा दिए गए हार्ट ब्लाक के रिपोर्ट को भ्रामक और गलत मानकर मेडिकल टीम गठित कर जांच कराने की मांग की है ताकि अन्य किसी व्यक्ति के साथ डायग्नोस्टिक सेंटर द्वारा भ्रामक रिपोर्ट नहीं दे। ताकि मरीज की परेशानी न बढ़े।

इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ कौशल किशोर ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि मामले की जानकारी मिली है। मरीज के द्वारा तीन जगह कराए गए जांच रिपोर्ट में कौन सही है और कौन गलत है, इसकी जांच कराई जाएगी। एसीएमओ को मामले की जांच का निर्देश दिया जा रहा है। वह अपने प्रोस्टेट के आपरेशन को लेकर चिंतित थे लेकिन डाक्टर के सलाह पर ईसीजी जांच कराने सबसे पहले कैलटैक्स चौक स्थित डा. जैन मेटरनिटी एंड डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंचकर जांच कराया। वहां ईसीजी जांच कराने पर हार्ट ब्लाक (RBBB) रिपोर्ट दिया गया।
रिपोर्ट देखकर वह घबरा गए और बाद में जब दो अन्य जांच सेंटर पर जांच कराया जहां रिपोर्ट नार्मल मिला तो वह डाक्टर से सलाह लेने पर आपरेशन कराया। वही इस संबंध में डा. एमएल जैन ने कहा कि इस मामले में जानकारी के अनुसार मरीज के द्वारा उपभोक्ता फोरम में शिकायत वाद दर्ज कराया गया है। अब तक मामले में उन्हें कोई नोटिस नहीं प्राप्त हुआ है।
मामले में उपभोक्ता फोरम के द्वारा जांच पड़ताल की जाएगी और निर्णय होगा। इस संबंध में आपरेशन करने वाले डा. भरत प्रसाद ने बताया कि छोटा आपरेशन हो या बड़ा सावधानी के तौर पर मरीज को ईसीजी जांच कराने का निर्देश दिया गया था। एक जगह के जांच में (आरबीबीबी) रिपोर्ट आने पर आपरेशन में परेशानी की बात मरीज को बताया गया। इसके बाद मरीज द्वारा दो अन्य जगह से जांच कराकर रिपोर्ट लाया गया। दोनों अन्य जगह के रिपोर्ट में Operation के लायक रिपोर्ट बताया गया।
उस रिपोर्ट के आधार पर मरीज का आपरेशन किया गया। मामले में मरीज का कहना है कि स्वस्थ होने के बाद जांच सेंटर द्वारा अलग-अलग जांच रिपोर्ट की जांच की मांग हर जगह कर रहे हैं, ताकि अन्य लोगों के साथ ऐसी परेशानी नहीं हो।



