
पटना: लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) में चिराग को छोड़ अन्य सभी पांच सांसदों की बगावत के बाद पैदा हुए हालात पर पशुपति कुमार पारस ने चुप्पी तोड़ते हुए इसे मजबूरी का फैसला बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी तोड़ी नहीं पार्टी बचाई है।

हाजीपुर से पार्टी के सांसद और केंद्रीय मंत्री रहे स्व.रामविलास पासवान के भाई पशुपति कुमार पारस ने ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ से बातचीत में कहा कि हम घुटन महसूस कर रहे थे। आठ अक्टूबर 2020 को रामविलास पासवान के निधन के बाद पार्टी नेतृत्व ने कुछ ऐसे फैसले लिए जिनकी वजह आज पार्टी इस कगार तक आ पहुंची। पार्टी के विलुप्त होने का खतरा पैदा हो गया। उन्होंने कहा, ‘हमने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से मिलकर उन्हें ताजा घटनाक्रम के बारे में एक पत्र सौंपा है।’

चिराग से रिश्ते का उल्लेख करते हुए पशुपति पारस ने कहा कि वह हमारे भतीजे हैं। परिवार के सदस्य हैं। मुझे यह कदम सिर्फ पार्टी को बचाने के लिए उठाना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोजपा के अध्यक्ष चिराग पासवान के नेतृत्व में पार्टी में लोकतंत्र समाप्त हो गया था। स्व.रामविलास पासवान के दिखाए रास्ते पर चलती रहेगी। उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान के सपनों को साकार करने के लिए ही उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने चुनाव के दौरान और पिछले दिनों पार्टी छोड़कर चले गए नेताओं से अपील की कि वे पार्टी में लौट आएं। पशुपति कुमार पारस ने कहा कि वह लोजपा को डूबने नहीं देंगे। पार्टी स्व.रामविलास पासवान के दिखाए रास्ते पर चलती रहेगी।
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गौरतलब है कि लोजपा के सभी पांच बागी सांसदों ने सोमवार को चिराग के चाचा और पार्टी के वरिष्ठ नेता पशुपति कुमार पारस को संसदीय दल का नया नेता चुन लिया। पशुपति कुमार पारस के अलावा चिराग पासवान से बगावत करने वाले सांसदों में उनके चचेरे भाई प्रिंस राज (लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष और समस्तीपुर से सांसद), चंदन सिंह , महबूब अली केशर और वीणा देवी शामिल हैं। अब चिराग पार्टी में बिल्कुल अकेले रह गए हैं।
पार्टी को एक बड़ा झटका पिछले अप्रैल महीने में तब लगा था जब इसके एकमात्र विधायक राजकुमार सिंह ने सीएम नीतीश कुमार की मौजूदगी में सत्ताधारी दल जद यू का दामन थाम लिया था। इसके पहले बेगूसराय जिले से महिटानी के विधायक राजकुमार सिंह को पार्टी की ओर से तब कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था जब उन्होंने बिहार विधानसभा के डिप्टी स्पीकर पद पर एनडीए उम्मीदवार का समर्थन कर दिया था। इस साल फरवरी में, लोजपा की एकमात्र एमएलसी और मंत्री नीरज कुमार सिंह की पत्नी नूतन सिंह ने पार्टी छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर ली थी।



