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Covid टीककारण में लक्ष्य प्राप्ति की “ज्योत” जला रही है दिव्या भारती

जागरूक महिलाएं समाज का अभिन्न अंग हैं। उनके सहयोग के बिना सभ्य, सुरक्षित समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है।

छपरा: जागरूक महिलाएं समाज का अभिन्न अंग हैं। उनके सहयोग के बिना सभ्य, सुरक्षित समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है। शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्रों के साथ साथ परिवारिक दायित्वों का बखूबी निर्वाह में भी उनकी महत्वपूर्ण सहभागिता हो रही हैं।

वर्तमान समय में समाज को कोविड 19 टीकाकरण द्वारा सुरक्षित रखने व जागरूकता के क्षेत्रों में भी महिलाओं का सराहनीय योगदान है। सारण जिले के दिघवारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित जीएनएम दिव्या भारती ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आर्कषित किया है। जिन्होने अपनी कार्य कुशलता के बदौलत टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्ति में अपना बहुमूल्य योगदान दिया है। टीका के हथियार से समाज को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

जीएनएम दिव्या भारती ने फरवरी माह में योगदान किया और मार्च से अब तक लगातार टीकाकरण अभियान को गति देने में अपनी निरंतर सेवा दे रही है। बिना किसी अवकाश के वह प्रतिदिन 700 से 800 लोगों का टीकाकरण कर रही है। अकेले दिव्या भारती अब तक 60000 से अधिक लोगों को टीकाकरण कर चुकी हैं।

टीकाकरण के दौरान कोविड नियमों का भी रखती हैं ध्यान:

जीएनएम दिव्या भारती

जीएनएम दिव्या भारती कहती है कि दिघवारा अस्पताल में टीकाकरण के लिए प्रतिदिन लोग हजारों की संख्या में आते हैं। भीड़ काफी हो जाती है। भीड़ को नियंत्रित करना एवं साथ ही कोविड नियमों का अनुपालन करवाते हुए टीकाकरण जारी रखना एक चुनौती होता है। इसके बावजूद टीकाकरण को लेकर उनका संकल्प कहीं से भी प्रभावित नहीं हुआ। वह टीकाकरण के साथ कोविड नियमों का पालन भी सुनिश्चित कराती है. दिव्या ने कहा कि प्रखंड मुख्यालय के प्रमुख टीकाकरण केंद्र होने के कारण इसे एक नजीर के तौर पर पेश करना उनका मकसद रहा है। लिहाजा टीकाकरण के लिये आने वाले लोगों को आपस में पर्याप्त दूरी बनाये रखन एवं मास्क का उपयोग करने के लिये भी वे लगातार प्रेरित करती रही हैं।

पहले दिन भर करते रह जाते थे इंतजार:

जीएनएम दिव्या भारती का कहना है कि टीकाकरण को लेकर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में दृश्य बदल चुका है। पहले टीकाकरण केंद्रों पर वैक्सीन लेकर हमलोग दिन भर लाभार्थी का इंतजार करते थे। लेकिन किसी 10 तो किसी 15 आते थे। लेकिन जब से तीसरी लहर आने की लोगों को जानकारी मिली है और घर-घर जाकर स्वास्थ्यकर्मियों ने जागरूक किया उसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहा है। अब प्रतिदिन हजारों की संख्या में महिला-पुरूष, बुजुर्ग नई-नवेली दुल्हन भी टीकाकरण केंद्र पर पहुंच रही है।

वैक्सीन की दूसरी डोज भी उतनी ही जरुरी:

दिव्या भारती का कहना है कि कोविड टीकाकरण को लेकर ग्रामीणों में ऐसा उत्साह देखने को मिल रहा है। लोग धूप हो पानी अपनी पँक्ति से पिछे नहीं हट रहे हैं। वह कहती हैं कि टीके के पहले डोज के साथ दूसरा डोज भी उतना ही जरुरी है। इसको लेकर वह टीका लेने आने वाले लोगों को दूसरा डोज लेने के लिए भी प्रेरित करती हैं। धीरे-धीरे लोगों में अब जागरूकता भी बढ़ी है। लोग टीके के महत्व को समझने भी लगे हैं एवं इसके प्रति गंभीर भी हो रहे हैं।

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