
बक्सर(बिहार)

बिहार के बक्सर में गंगा नदी के किनारे चौसा घाट पर लावारिस पड़े कई शव देखें गए, जिसके बाद इलाके में सनसनी है. बताया जा रहा है कि करीब 30-40 शव गंगा के किनारे पड़ा हुआ था. घटना की जानकारी के बाद वहां पर आला अधिकारियों की एक टीम पहुंची. कोरोना काल में एक साथ गंगा किनारे मिले इतने शव के बाद इलाके में सनसनी मच गई है.

अचानक बढ़ी मौत
सोमवार को यहां के चरित्रवन में शवदाह की जगह नहीं बची। बताया जा रहा है कि गांवों में पिछले एक-डेढ़ महीने से मौतें अचानक बढ़ गई हैं। मरने वाले सभी खांसी-बुखार से पीड़ित थे। चौसा श्मशान घाट पर आने वाले अधिकतर शवों को गंगा में डाल दिया जा रहा है। इनमें से सैकड़ों शव किनारे पर सड़ रहे हैं।
शव कहा से आये
घटना को लेकर बक्सर सदर के एसडीओ केके उपाध्याय ने बताया कि 10-12 शवों के मिलने की बात कही जा रही है. हमने अभी इन शवों के संस्कार के निर्देश दिए हैं. मामले की छानबीन की जा रही है. उन्होंने कहा कि हम जांच करा रहे हैं कि ये शव कहां से आया?
वहीं इस घटना के बाद इलाके में सनसनी मच गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि तकरीबन 100-150 लाशें अभी भी यहां तैर रही है. लेकिन प्रशासन ने इसे हटाने को लेकर कोई एक्शन नहीं लिया है. लोगों ने कहा कि सीओ यहां आएं और हटाने की बात कहकर चल गए
घाटों पर सीसीटीवी लगाने की तैयारी
इधर, घटना के बाद बक्सर के कई घाटों पर सीसीटीवी लगाने की तैयारी शुरू हो गई है. बताया जा रहा है कि एक घाट पर सीसीटीवी लगाया भी जा चुका है. वहीं प्रशासन अब किसी भी तरह की रिस्क नहीं लेना चाहती है.
चरित्रवन और चौसा श्मशान घाट पर दिन-रात चिताएं जल रही हैं। कब्रिस्तानों में भी भीड़ लगी रहती है। पहले जहां चौसा श्मशान घाट पर प्रतिदिन दो से पांच चिताएं जलती थीं, वहीं अब 40 से 50 चिताएं जलाई जा रही हैं। बक्सर में यह आंकड़ा औसतन 90 है।


