
DhramShala: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के धर्मशाला से सटे घरोह की बेटी अंजली शर्मा ने दक्षिण अफ्रीका की कठिन व दुर्गम पहाडिय़ों में से एक माउंट किलीमंजारों को फतेह कर लिया है। 5895 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह दुनिया का सबसे बड़ा हाईएस्ट सिंगल फ्री स्टैंडिंग माउंटेन है। अंजली ने 31 मार्च को ही इस कठिन व दुनिया की चौथी सबसे ऊंची चोटी को फतह किया है। अंजली पहली ऐसी महिला ट्रैकर हैं जिसने साड़ी पहन कर इस चोटी को फतह किया है। इतना ही नहीं गद्दी समुदाय के सहयोग से अपने मिशन की ओर बढ़ रही अंजली ने चोटी पर पहुंच कर अपनी गद्दी ड्रेस लुआंचड़ी पहन कर तिरंगा फहराते हुए पहाड़ की अन्य युवतियों को बड़ा संदेश दिया है।

हौंसले बुलंद हों तो परेशानियां और कमियां भी घुटने टेक देती हैं, धर्मशाला के साथ सटे शाहपुर क्षेत्र के घरोह की रहने वाली अंजली ने इस बात को सच कर दिखाया है। दुनिया की सबसे ऊंची सात चोटियों को फतेह करने की चाहत लिए ऊंची उड़ान भरने वाली अंजली के पास इन चोटियों पर पहुंचने का हौंसला तो है लेकिन समर्थ नहीं था। ऐसे में गद्दी समुदाय के युवक व युवतियों को शिक्षा व खेल के क्षेत्र में मदद करने वाली गद्दी एजूकेशन मिशन स्पोट संस्था ने उनके वहां पहुंचने के लिए आने वाले खर्च से लेकर तमाम सारी व्यवस्थाएं की।

जैमस संस्था के संस्थापक संजय चाड़क ने बताया कि समुदाय के युवक व युवतियों को शिक्षा और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए संस्था काम करती है। इसी कड़ी मेंं जब अंजली की बात पता चली तो उसके जाने का करीब दो लाख का खर्च बनता है। इसके लिए संस्था से करीब डेढ लाख और अन्य खर्च संस्था के सदस्यों ने एकत्र कर अंजली को उनके लक्ष्य की ओर बढऩे के लिए प्रेरित किया। संजय चाड़क का कहना है कि यह समुदाय के लिए गौरव के पल हैं कि समुदाय की बेटी लुआंचड़ी पहन कर किलीमंजारो की पहाडिय़ों पर तिरंगा फहरा रही है। अंजली ने वर्ष 2010-11 में अटल विहारी बाजपेयी माउंटे्रनिंग संस्थान मनाली से बेसिक कोर्स किया है। उनकी पढ़ाई बीए हिंदी व पर्यावरण में हुई है। उनकी इस उपलब्धी से एक समुदाय ही नहीं पूरे प्रदेश के लोग गौरवांवित महसूस कर रहे हैं।


