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दुनिया का पहला रेगिस्तान रेलवे लूप China ने बनाया

Deoghar Airport का रन-वे बेहतर: DGCA

Beijing: 16 जून की सुबह 10 बजकर 53 मिनट पर यात्रियों से भरी नंबर 5818 ट्रेन शिनच्यांग के हथ्येन स्टेशन से रवाना हुई। इस तरह ह-रुओ रेल सेवा का आधिकारिक तौर पर संचालन शुरू हो गया। चीन ने सबसे बड़े रेगिस्तान ताकलामाकन में दुनिया का पहला रेगिस्तान रेलवे लूप बनाया, जिससे करोड़ों स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा।

ह-रुओ रेलवे की कुल लंबाई 825 किलोमीटर है और इसकी डिजाइन गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा है। वह शिनच्यांग के हथ्येन शहर से रुओछ्यांग जिले तक का सफर तय करेगी। उसने मौजूदा कखू रेलवे और दक्षिणी शिनच्यांग रेलवे के साथ मिलकर 2,712 किलोमीटर का रेलवे लूप बनाया, जो ताकलामाकन रेगिस्तान का आवरण पूरा करता है।

यह राष्ट्रीय 1 स्तरीय सिंगल-ट्रैक रेलवे है, जिसने तारिम बेसिन के दक्षिणी किनारे स्थित छ्यिएमो, मिनफेंग समेत 5 जिलों और शिनच्यांग प्रोडक्शन एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्प्स के 3 समूहों तक रेल सेवा न होने का इतिहास मिटा दिया है।

हजारों सालों से शिनच्यांग का क्षेत्र बहुत विशाल रहा है और यात्रा करना मुश्किल होता था। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद से शिनच्यांग ने रेलवे निर्माण में अपने प्रयासों को लगातार बढ़ाया और रेलवे ट्रैक का विस्तार किया। उसका विस्तार रेगिस्तान और मरुभूमि तक जारी है, और शिनच्यांग मातृभूमि के अन्य हिस्सों के साथ अधिक निकटता से जुड़ा हुआ है। 2021 के अंत तक शिनच्यांग रेलवे का परिचालन माइलेज 8,151 किलोमीटर तक जा पहुंचा। (IANS)

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