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Transparency International: पाकिस्तान में भ्रष्टाचार बढ़ा, भारत में कुछ कम हुआ

दुनिया भर में भ्रष्टाचार के पैमाने पर भारत की स्थिति में कुछ सुधार हुआ है। जानी-मानी संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल (transparency International) द्वारा जारी करप्शन परसेप्शन इंडेक्स (CPI) में पाकिस्तान में भ्रष्टाचार (Corruption) बढ़ने और भारत में कुछ कम होने की बात सामने आई है।

Berlin: दुनिया भर में भ्रष्टाचार के पैमाने पर भारत की स्थिति में कुछ सुधार हुआ है। जानी-मानी संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल (transparency International) द्वारा जारी करप्शन परसेप्शन इंडेक्स (CPI) में पाकिस्तान में भ्रष्टाचार (Corruption) बढ़ने और भारत में कुछ कम होने की बात सामने आई है। 180 देशों की इस सूची में पाकिस्तान पिछले वर्ष की तुलना में 16 स्थान नीचे खिसक कर 140वें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं भारत एक स्थान का सुधार कर 85वें स्थान पर पहुंचा है।

ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने 180 देशों को सार्वजनिक क्षेत्र के भ्रष्टाचार के स्तरों के आधार पर शून्य से 100 तक के पैमाने पर रैंक किया है। 2020 की रैंकिंग में पाकिस्तान 31 अंकों के साथ 124वें स्थान पर था, किन्तु अब पाकिस्तान की हालत और खराब हुई है और वह 28 अंकों के साथ 140वें स्थान पर पहुंच गया है। भारत भ्रष्टाचार के पैमाने पर 40 अंकों के साथ 85वें स्थान पर है। पिछले वर्ष भी भारत के 40 अंक ही थे, किन्तु रैंकिंग में भारत 86वें स्थान पर था।

वर्ष 2021 की रैंकिंग में डेनमार्क अव्वल रहा है। ईमानदारी के मामले में फिनलैंड दूसरे, न्यूजीलैंड तीसरे, नार्वे चौथे और सिंगापुर पांचवें स्थान पर है। सर्वाधिक भ्रष्ट देश दक्षिणी सूडान को चिह्नित किया गया है। उसके बाद सीरिया, सोमालिया, वेनेजुएला और यमन का नंबर आता है। रिपोर्ट में दुनिया भर में भ्रष्टाचार का स्तर औसतन स्थिर रहने का दावा किया गया है। 86 प्रतिशत देशों ने पिछले दस वर्षों में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं किया है।

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