
रांची

झारखंड राज्य के लोगों काे कोरोना के साथ-साथ 25 से 28 मई तक प्राकृतिक विपदा से भी बचने की सलाह दी गई है। माैसम केंद्र ने चेतावनी जारी की है कि राज्य के 30 से 60 फीसदी जगहाें पर वज्रपात हो (आसमानी बिजली) सकता है। अभी झारखंड सरकार काेराेना काे लेकर सुरक्षा सप्ताह मना रही है। लोगों को घरों में रहने को कहा गया है।
आसमानी कहर से बचने की जरूरत

इसलिए आने वाले चार दिनों में कोरोना के साथ-साथ आसमानी कहर से बचने की जरूरत है। माैसम विज्ञान केंद्र रांची के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया है कि इन चार दिनाें में लाेगाें काे खुले आसमान और पेड़ के नीचे नहीं रहना चाहिए। काेशिश करें कि घर में ही रहें। इस दाैरान 50 से 60 किमी की रफ्तार से तेज हवा चलेगी और मेघ गर्जन भी हाेगा।
25 मई से दिखने लगेगा असर
बंगाल की खाड़ी में यास चक्रवात का असर झारखंड में 25 मई से दिखने लगेगा। 28 मई तक रांची सहित पूरे झारखंड में तेज बारिश, आंधी और वज्रपात हो सकता है। मई में अबतक 38 डिग्री तक अधिकतम तापमान पहुंचा है, लेकिन 25 मई काे अधिकतम तापमान 32 और 26 व 27 मई काे 25 डिग्री तक गिर जाएगा। यानी अधिकतम तापमान में 13 डिग्री तक की गिरावट दर्ज हाे सकती है।
झारखंड के कइ हिस्साें में बारिश हाेने के आसार
राज्य के दक्षिण पूर्व, उत्तर और मध्य हिस्से में कुछ जगहाें पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं 24 मई काे भी झारखंड के कइ हिस्साें में बारिश हाेने के आसार है। संताल परगना सहित दक्षिणी पूर्वी हिस्से जाे बंगाल सटे है। वहां भारी से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
जेबीवीएनएल अलर्ट मोड में
बंगाल की खाड़ी में उठ रहे यास चक्रवात का झारखंड में पड़ने वाले असर को देखते हुए जेबीवीएनएल अलर्ट मोड में है। निगम के कार्यकारी निदेशक केके वर्मा ने सभी जीएम और एसई को कहा है कि वे चक्रवात को लेकर अलर्ट रहें। किसी भी फॉल्ट को कम से कम समय में ठीक करें। आवश्यक तैयारी पहले कर लें। कंट्रोल रूम में इस दौरान 24 घंटे कार्यरत रहेगा।



