
Lucknow: उत्तर प्रदेश में बिहार की सियासत को लेकर एक नए तरह के पोस्टर की एंट्री हो गई है। अभी बिहार में हाल में हुए राजनीतिक उलटफेर से प्रेरित यह पोस्टर शनिवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के कार्यालय के बाहर लगा नजर आया।
लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय के बाहर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के पोस्टर (Posters of Chief Minister Nitish Kumar and SP President Akhilesh Yadav) लगाए जा रहे हैं, जिसके माध्यम से संदेश दिया जा रहा है कि यूपी और बिहार एकजुट होकर भाजपा के लोकसभा सदस्यों की संख्या कम कर दें तो केंद्र से भाजपा की सरकार खिसक सकती है। पोस्टर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीरों के साथ लिखा है-यूपी प्लस बिहार=गई मोदी सरकार। यह पोस्टर सपा नेता आईपी सिंह ने लगवाया है।

सपा दफ्तर के बाहर लगे पोस्टर के मकसद के बारे में पार्टी नेता आईपी सिंह ने मीडिया से कहा कि यूपी और बिहार देश की सियासत की दशा-दिशा तय करने वाले राज्य हैं। ये दोनों बड़ी आबादी वाले राज्य हैं। साथ ही राजनीतिक रूप से जागरूकता भी यहां है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने अब मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। निश्चित ही यह अपने मकसद में सफल रहेगा। सपा नेता आई पी सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश में इस तरह का अभियान चलाया जाएगा।
ज्ञात हो कि बिहार में जदयू के भाजपा का साथ छोड़कर राष्ट्रीय जनता दल के साथ आने के बाद विपक्ष का आत्मविश्वास बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि इससे भाजपा के लिए मिशन 2024 चुनौतीपूर्ण हो गया है।

बिहार में भाजपा का साथ छोड़कर नीतीश कुमार के तेजस्वी यादव से हाथ मिलाने के बाद 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर विपक्षी गोलबंदी की कोशिशें तय हो गई हैं। बता दें कि समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव बिहार में लगातार महागठबंधन और भाजपा विरोधी मोर्चे के साथ एकजुटता का प्रदर्शन करते रहे हैं।
गौरतलब है कि पिछले दिनों को नीतीश कुमार ने दिल्ली में सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव और अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। तब नीतीश ने कहा था कि अखिलेश यूपी का नेतृत्व करेंगे।


