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कुछ लोगों के लिए गाय गुनाह लेकिन हमारे लिए गाय ‘माता’: PM Modi

मोदी ने कहा कि हमारे यहां गाय और गोबर की बात करने को कुछ लोगों ने गुनाह बना दिया है। गाय कुछ लोगों के लिए गुनाह हो सकती है, हमारे लिए गाय माता है।

Varanasi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi in Kashi) ने गुरुवार को वाराणसी (varanasi) के करखियांव में 870.16 करोड़ से अधिक लागत वाली 22 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया और 1225.51 करोड़ की पांच परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इस दौरान उन्होने पीएम मोदी ने इस दौरान देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भी याद किया। मोदी ने कहा कि हमारे यहां गाय और गोबर की बात करने को कुछ लोगों ने गुनाह बना दिया है। गाय कुछ लोगों के लिए गुनाह हो सकती है, हमारे लिए गाय माता है।

गाय का मजाक उड़ाने वाले लोग ये भूल जाते हैं कि देश के 8 करोड़ लोगों की आजीविका इसी पशुधन से चलती है, भारत हर साल साढ़े आठ लाख करोड़ के दूध का उत्पादन करता है। पीएम मोदी ने कहा कि आज वाराणसी और आसपास का ये पूरा क्षेत्र फिर से पूरे देश और पूरे उत्तर प्रदेश के गांवों, किसानों, पशुपालकों के लिए बहुत बड़े कार्यक्रम का साक्षी बना है। हमारे यहां गाय की बात करना कुछ लोगों ने गुनाह बना दिया है।

पीएम मोदी ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज भारत हर साल लगभग साढ़े 8 लाख करोड़ रुपये का दूध उत्पादन करता है। ये राशि जितना भारत में गेहूं और चावल का उत्पादन होता है, उसकी कीमत से भी कहीं ज्यादा है। भारत के डेयरी सेक्टर को मजबूत करना आज हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।

इसी कड़ी में आज यहां बनास काशी संकुल का शिलान्यास किया गया है। हमारे यहां कहा जाता था कि किसके दरवाजे पर कितने खूंटे हैं, इसे लेकर स्पर्धा रहती थी। लेकिन बहुत लंबे समय तक इस सेक्टर को जो समर्थन मिलना चाहिए था, वो पहले की सरकारों में नहीं मिला। हमारी सरकार देशभर में इस स्थिति को बदल रही है। 6-7 वर्ष पहले की तुलना में देश में दूध उत्पादन लगभग 45% बढ़ा है। आज भारत दुनिया का लगभग 22% दूध उत्पादन करता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि गांवो को, किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए, उन्हें अवैध कब्जे से चिंता मुक्त करने में स्वामित्व योजना की बहुत बड़ी भूमिका है। यूपी के 75 जिलों में 23 लाख से अधिक घरौनी तैयार हो चुकी हैं। इसमें से करीब 21 लाख परिवारों को आज ये दस्तावेज दिए गए हैं। धरती मां के कायाकल्प के लिए, हमारी मिट्टी की सुरक्षा के लिए आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए हमें एक बार फिर प्राकृतिक खेती की तरफ मुड़ना ही होगा।

सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए, किसानों को जागरूक करने के लिए बहुत बड़ा अभियान भी चला रही है। मैं मेरे किसान भाइयों बहनों से, विशेषकर छोटे किसानों आज किसान दिवस पर आग्रह करूंगा कि आप प्राकृतिक खेती की तरफ आगे बढ़ें।

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