
Jhansi: कहते हैं जिंदगी में भाग्य का भी बड़ा खेल होता है। किसकी किस्मत कब करवट बदले इसका किसी को कोई अंदाजा भी नहीं होता। ऐसा हमेशा इंसानों की जिंदगियों में ही नहीं होता, बल्कि जानवर भी किस्मत के धनी होते हैं। इसका उदाहरण है झांसी की सड़कों पर घूमने वाले कुत्ते के अंधा बच्चा शेरी। जो अब USA में शान-ओ-शौकत के साथ पल रही है। वहां एक दंपत्ति ने इसकी परवरिश का जिम्मा लिया है। इसका श्रेय जाता है जीव जंतुओं की सुरक्षा करने वाली संस्था जीव आश्रय समिति को।

झांसी में जीव आश्रय समिति का कार्य मिनी खरे देखती हैं। उन्हें कोरोना की दूसरी लहर के पूर्व माह फरवरी में सूचना मिली थी कि सीपरी बाजार आईटीआई के पास एक छोटा सा कुत्ता जिसे आंखों से नहीं दिखाई दे रहा वह भटक रहा है। इस सूचना पर मिनी खरे अपने टीम के सदस्य शकील के साथ वहां पहुंची। कुत्ते के बच्चे को अपने साथ पशु हॉस्पिटल ले गई, जहां उसका उपचार कराया। लेकिन डॉक्टर ने उसकी आंखों कि रोशनी वापस आने को साफ मना कर दिया। इस पर मिनी खरे और उनकी टीम ने उस बच्चे की सारी परेशानियां बताते हुए उसे सोशल मीडिया पर वाॅयरल कर दिया और उसकी परवरिश खुद करते रहे। इस दौरान उन्होंने इसका नाम शेरी रखा था।

सोशल मीडिया (Social Media) पर खबर वाॅयरल के बाद यूएसए (USA) की महिला हेलन ब्राऊन की इस पर नजर पड़ी। उन्होंने शेरी की परवरिश करने कि जिम्मेदारी ली और उसको दिल्ली में एक हॉस्पिटल में एडमिट कराया,जहां उसकी आंखों का उपचार चला। उसके कुछ दिन बाद हेलन ब्राऊन शेरी को अपने साथ लेकर अमेरिका चली गई और उसे अच्छी तरह से अपने घर पर ही रख लिया। आज मिनी खरे ने शेरी का फोटो अमेरिका से देखभाल कर रही महिला के साथ सोशल मीडिया पर वाॅयरल करते हुए खुशी जाहिर की। इस फोटो को सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां मिल रही हैं।
इस मामले में समिति की संचालिका मिनी खरे ने बताया कि इसका एडाॅप्शन कल ही हेलन ब्राउन ने किया है। इसे वहां तक पहुंचने में करीब चार महीने लगे हैं। अब वह खुश हैं।


