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झारखंड: गढ़वा के हीरामन ने तैयार किया “कोरवा भाषा” की डिक्शनरी, ‘मन की बात’ में PM ने सराहा

झारखंड


रांची। 

झारखंड के गढ़वा जिला अंतर्गत रंका के सिंजो गांव निवासी हीरामन कोरवा ने कोरवा भाषा की डिक्शनरी तैयार की है. हीरामन के कार्यों की सराहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Primeminister Narendra Modi) ने की है.

12 साल की कड़ी मेहनत से हीरामन कोरवा (Hiraman Korwa) ने कोरवा भाषा (Korwa language) की डिक्शनरी तैयार की है. इस डिक्शनरी (Dictionary) की खास बात है कि दैनिक जीवन (Daily life) में उपयोग किये जाने वाले कई शब्दों को इसमें शामिल किया है. 50 पन्नों के इस डिक्शनरी में घर-गृहस्थी से जुड़े शब्द से लेकर, अनाज, सब्जी, फल, पशु-पक्षी, रंग, खाद्य पदार्थ सहित अन्य शब्द और उसके अर्थ को इस डिक्शनरी में शामिल किया है. आदिम जनजाति कोरवा भाषा को संरक्षित और समृद्ध करने में मदद मिलने के उद्देश्य से हीरामन ने इस डिक्शनरी को तैयार किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में हीरामन के इस कार्य की सराहना की है.  

'मन की बात' में पीएम ने सराहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में गढ़वा के हीरामन के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि "यह देश के लिए एक अच्छा उदाहरण है. हीरामन ने कोरवा जनजाति के लिए जो कार्य किया, वह प्रशंसनीय है.   

हिरामन

बचपन से ही कोरवा जनजाति के लिए कुछ करने की थी इच्छा

हीरामन कोरवा पेशे से पारा शिक्षक हैं. हीरामन ने कहा कि " बचपन से ही उन्हें कोरवा जनजाति के लिए कुछ करने की इच्छा थी. हीरामन ने बचपन से ही कोरवा भाषा को एक जगह लिखने की कोशिश शुरू की थी. आर्थिक तंगी की वजह से हीरामन को इस डिक्शनरी को तैयार करने में करीब 12 साल लग गये. हीरामन कोरवा के मुताबिक, "आदिम जनजाति कल्याण केंद्र, गढ़वा और पलामू के मल्टी आर्ट एसोसिएशन के सहयोग से इस डिक्शनरी को लोगों के बीच लाया जा सका." 


नमन

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