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वीर शहीदों की जीवनी पाठ्यक्रम में करें शामिल,सांसद एम पोद्दार की मांग,राज्यसभा में उठाया मामला


झारखंड/रांची।

राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने झारखण्ड के प्रेरक प्रसंगों, वीर शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों, महात्मा गांधी के जीवित स्मारक टाना भगतों और बिरसाईतों से सम्बंधित पाठ्य सामग्री विद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की है. महेश पोद्दार ने यह मामला राज्यसभा में उठाया था. जिसका सन्दर्भ देते हुए उन्होंने राज्य की स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री डॉ. नीरा यादव को पत्र लिखकर यह मांग की है.

श्री पोद्दार ने अपने पत्र में इस बात पर चिंता जताई है कि झारखण्ड के महापुरुषों की जीवनी और राज्य के प्रेरक ऐतिहासिक प्रसंगों को विद्यालयों के पाठ्यक्रम में अपेक्षा के अनुरूप स्थान नहीं मिल पाया है|उन्होंने शहीद सिदो कान्हों, भगवान बिरसा मुंडा, विश्वनाथ शाहदेव, पाण्डेय गणपत राय, शेख भिखारी, टिकैत उमराँव, टाना भगत समुदाय, बिरसाईत समुदाय आदि की चर्चा भी अपने पत्र में की है| 

सांसद महेश पोद्दार ने राज्यसभा में पूछे गए अपने प्रश्न और सरकार के उत्तर का उल्लेख करते हुए कहा है कि एनसीआरटी के पाठ्यक्रम में सभी राज्यों की विभूतियों को एक साथ स्थान दे पाना संभव नहीं हो पाता है. शिक्षा समवर्ती सूची का विषय है और यह राज्य सरकारों की जिम्मेवारी है कि राज्य की सभी महान विभूतियों और प्रेरक प्रसंगों को पाठ्यक्रम में पर्याप्त और सम्मानजनक जगह दी जाय.

उन्होंने आगाह किया है कि पाठ्यक्रम में प्रेरक ऐतिहासिक प्रसंगों एवं महापुरुषों की पर्याप्त व सम्मानजनक उपस्थिति का अभाव कुछ षड्यंत्रकारी संगठनों और समूहों को इतिहास को विकृत तरीके से प्रस्तुत और प्रचारित करने का अवसर प्रदान कर रहा है. यदि यह क्रम जारी रहा तो हमारी आनेवाली पीढ़ियां विकृत इतिहास और हमारे महापुरुषों के बारे में भ्रामक तथ्य से ही परिचित रहेंगी।

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