रांची:


झारखण्ड की सिंचाई परियोजनाओं को केन्द्र से मदद मिलेगी. केन्द्रीय सड़क परिवहन,राजमार्ग,जहाजरानी एवं जल संसाधन मंत्री नितीन गडकरी ने मुख्यमंत्री आवास पर राज्य के मुख्यमंत्री,कृषि मंत्री तथा राज्य के आला अधिकारियों के साथ झारखण्ड की सिंचाई परिदृष्य पर एक उच्चस्तरीय बैठक में यह बात कही. उन्होंने कहा कि राज्य के पुराने 115 मध्यम सिंचाई परियोजना के केनाल के जीर्णोंद्धार एवं सतत अनुरक्षण के लिये प्रस्ताव केन्द्र को भेजे ताकि इन योजनाओं की पूर्ण क्षमता का उपयोग हो सके. गडकरी ने कहा कि केनाल की जगह पाइप की व्यवस्था की जाय. साथ ही ड्रिप सिंचाई स्कीम को बढ़ावा दिया जाय. इससे कम पानी के उपयोग से ढ़ाई गुणा सिंचाई क्षमता का विस्तार होगा. बैठक में केन्द्रीय मंत्री के सुझाव पर यह निर्णय हुआ कि झारखण्ड के जलसंसाधन विभाग के प्रधान सचिव एक उचचस्तरीय दल महाराष्ट्र भेजेंगे जो वहां की सिंचाई परियोजनाओं का अवलोकन और अध्ययन करेगी.

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने केन्द्रीय मंत्री से यह अनुरोध किया कि सोन नदी से पाइप लाइन के माध्यम से झारखण्ड में जलापूर्ति की योजना में केन्द्र मदद करे ताकि झारखण्ड का भूगर्भीय जल भी रिचार्ज हो सके और यहां की सिंचाई परियोजनाओं को बल मिल सके.
केन्द्रीय मंत्री नितीन गडकरी ने कहा कि राज्य सरकार सिंचाई से जुड़ी सभी परियोजनाओं को समेकित करते हुये प्रस्ताव भेजे इस पर दिल्ली में केन्द्र और राज्य सरकार के अधिकारियों के बीच एक बैठक की जायेगी. केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि झारखण्ड के सिंचाई औसत को राष्ट्रीय औसत से उपर ले जाने के लक्ष्य पर केन्द्र और राज्य मिलकर कार्य करेगी.


