Global Statistics

All countries
176,201,698
Confirmed
Updated on Saturday, 12 June 2021, 10:20:55 pm IST 10:20 pm
All countries
158,445,557
Recovered
Updated on Saturday, 12 June 2021, 10:20:55 pm IST 10:20 pm
All countries
3,803,117
Deaths
Updated on Saturday, 12 June 2021, 10:20:55 pm IST 10:20 pm

Global Statistics

All countries
176,201,698
Confirmed
Updated on Saturday, 12 June 2021, 10:20:55 pm IST 10:20 pm
All countries
158,445,557
Recovered
Updated on Saturday, 12 June 2021, 10:20:55 pm IST 10:20 pm
All countries
3,803,117
Deaths
Updated on Saturday, 12 June 2021, 10:20:55 pm IST 10:20 pm
spot_imgspot_img

इज ऑफ डूइंग बिजनेस में विश्व बैंक के सर्वेक्षण में झारखण्ड भारत में पहले स्थान पर

रांची:

श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री राज पलिवार ने कहा कि राज्य के लिए यह गर्व की बात है कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस में विश्व बैंक के द्वारा किए गए सर्वेक्षण में झारखण्ड भारत में पहले स्थान पर है. मंत्री सूचना भवन सभागार में सरकार के 1000 दिन पूरे होने पर अपने विभाग की उपलब्धियाँ बताने हेतु प्रेस को संबोधित कर रहे थे.

 

राज पलिवार ने कहा कि पंडित दीनदयाल की राह पर चलकर ही राज्य के मजदूरों का उत्थान किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों का निबंधन किया जा रहा है जिसके तहत अबतक 6.00 लाख से अधिक निर्माण श्रमिकों एवं 4.50 लाख असंगठित कर्मकारों का निबंधन किया जा चुका है. इससे मजदूरों को डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में उनकी मजदूरी एवं भत्ते दिये जा सकेंगे. उन्होंने कहा कि श्रम विभाग ने न्युनतम मजदूरी के दर को 178 रूपये प्रतिदिन से बढ़ाकर 210 रू प्रतिदिन कर दिया है और इस पर 01 अप्रैल 2017 से परिवर्तनशील महंगाई भत्ता की दरों को अधिसूचित करते हुए न्युन्तम मजदूरी की दर 229.90 रू प्रतिदिन किया गया है.

श्रम मंत्री ने  कहा कि राज्य में निर्माण श्रमिकों को दुर्घटना में मृत्यु के बाद देय लाभ को 75 हजार रूपये से बढ़ाकर 5 लाख रूपये किया गया है और सामान्य मृत्यु पर देय लाभ 30 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रूपये किया गया है.

मंत्री ने बताया कि राज्य में निर्माण श्रमिकों का न्युन्तम पेंशन 500 रूपये से बढ़ाकर 750 रूपये किया गया है. लगभग 2 लाख 50 हजार श्रमिकों को आम आदमी बीमा योजना से आच्छादित किया गया है. उन्होंने कहा कि कारखाना अधिनियम के अंतर्गत अनुज्ञप्ति की अवधि 1 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष किया गया है. स्टार्ट अप झारखण्ड के अंतर्गत कार्य करने वाले कम्पनियों को पाँच वर्षों के लिये निरिक्षण से विमुक्ति तथा स्वअभिप्रमाणन की सूविधा भी दी गई है.

उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार दिलाने हेतु राज्य में प्रतिवर्ष औसतन 72 रोजगार मेला का आयोजन कर 23016 युवक/युवतियों को रोजगार से जोड़ा जा रहा है. युवाओं में रोजगार हेतु कौशल विकास करने के लिए राज्य के प्रत्येक ब्लॉक में एक आई.टी.आई खोलने का लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि कम्पिटीशन के माध्यम से आईटीआई में नामांकण कि प्रकिया को हटाकर अब राज्य सरकार ने विद्यार्थियों के उनके 10वें एवं 12वीं के प्राप्तांक पर नामांकन होगा. 

Leave a Reply

Hot Topics

Related Articles