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तिहाड़ जेल में नहीं है कैदी सुरक्षित!

पिछले डेढ़ महीने में तिहाड़ जेल में जिस तरह से हत्या व कैदियों के बीच मारपीट की घटनाएं बढ़ी हैं उससे जेल में कैदियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा प्रश्न खड़ा हो गया है।

नई दिल्ली: तिहाड़ जेल (Tihar Jail) सबसे सुरक्षित जेलों में शुमार है लेकिन क्या हकीकत में ऐसा है?

पिछले डेढ़ महीने में तिहाड़ जेल में जिस तरह से हत्या व कैदियों के बीच मारपीट की घटनाएं बढ़ी हैं उससे जेल में कैदियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा प्रश्न खड़ा हो गया है। महज डेढ़ महीने में हत्या और हत्या की कोशिश सहित आधा दर्जन एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इनमें से अधिकतर सिर्फ जेल नंबर तीन से जुड़े हैं।

अगस्त से सितंबर के आंकड़ों पर गौर करें तो चार अगस्त को जेल नंबर तीन में चर्चित अंकित गुर्जर की हत्या हुई। एफआईआर दर्ज हुई जिसमें जेल के अधिकारी उक्त मामले में फंसे। उस अधिकारी द्वारा कथित रूप से अंकित से पैसे मांगने की बात भी सामने आई।

अंकित के साथी कैदियों के साथ साथ उसके परिजनों ने भी घटना के बाद मीडिया को पैसे मांगने की बात बतायी थी। इसके बाद 11 सितंबर 2021 को जेल नंबर तीन के ही एक विचाराधीन कैदी सुमित दत्त पर धारदार हथियार से हमला किया गया। उसे जब इलाज के लिए डीडीयू अस्पताल लाया गया तब पुलिस को जानकारी मिली। इस कैदी ने हमले का आरोप कालू और बिलौटा पर लगाया। सुमित पर कई बार धारदार हथियार से हमला किया गया था।

इस हमले में कालू भी घायल हुए था। इसके अगले ही दिन 12 सितंबर को फिर से जेल नंबर तीन में विकास ढल नाम के कैदी पर दो साथी कैदियों ने हमला किया। हमला करने वाले एक कैदी ने खुद को चोट पहुंचाकर भी घायल कर लिया था।

विकास कथित रूप से 150 करोड़ के वित्तीय फ्रॉड मामले में तिहाड़ जेल में बंद है। जानकारी के अनुसार उस पर हमले के लिए तिहाड़ जेल के दो कैदियों को किसी ने बाहर से सुपारी दी थी। इस मामले में भी एफआईआर दर्ज की गयी है। 13 सितंबर को फिर से डीडीयू से ही तिहाड़ से लाये गये एक घायल कैदी की जानकारी पुलिस को मिली। विजय नामक विचाराधीन कैदी पर धारदार चीज से दो बार हमला किया गया था। हमला उसी के साथी कैदी दिनेश ने किया था।

पुलिस ने इस मामले में भी एफआईआर दर्ज की। इसके बाद 20 सितंबर को जेल नंबर तीन में ही हत्या मामले में सजा काट रहे कैदी शमीम उर्फ गूंगा पर हमला हुआ। पीड़ित ने बयान में बताया कि उसपर हमला प्रमोद नाम के कैदी ने चाकू से किया।

गूंगा ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि हत्या के ही मामले में बंद प्रमोद अक्सर अपना दबदबा बनाये रखने के लिए दूसरे कैदियों पर हमला या मारपीट करता रहता है। इस मामले में भी एफआईआर दर्ज हुई। इसी दिन जेल नंबर आठ में भी एक कैदी जावेद पर एक साथ कैदी ने हमला किया। आरोप मनोज नाम के कैदी पर लगा।

पुलिस (Police) ने इस हमले के मामले में भी एफआईआर दर्ज कर ली। वहीं 22 सितंबर को जेल नंबर 6 में बंद महिला नाईजीरियन कैदी ने जेल के हेड वार्डर पर ही कटर छीनकर हमला कर दिया। दरअसल पिछले दिनों अलग अलग जेल में तलाशी अभियान चलाए गए जिसमें कैदियों के पास से ब्लेड, धारदार चीज के साथ साथ मोबाइल और तंबाकू मिले।

इसके बाद तिहाड़ के डीजी संदीप गोयल ने सभी जेलों से कपड़े सुखाने वाली रस्सी को भी हटाने का निर्देश दिया। जिसके पालन कराने महिला वार्डर गयी थी, तभी इस महिला कैदी ने हमला कर दिया। इस मामले में भी एफआईआर दर्ज कर ली गयी

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