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वसुंधरा राजे के करीबी रोहिताश्व कुमार पर गिरी गाज: पार्टी विरोधी बयानबाजी पर BJP से छह साल के लिए निष्कासित

पार्टी में रहकर पार्टी के खिलाफ लगातार बयानबाजी कर रहे पूर्व मंत्री रोहिताश्व शर्मा को भाजपा ने 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है।

जयपुर: राजस्थान में वसुंधरा राजे को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की मांग कर रहे वसुंधरा समर्थकों को भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा संदेश दे दिया है। वसुंधरा समर्थक पूर्व मंत्री रोहिताश्व कुमार को बीजेपी ने छह साल के लिए पार्टी से निष्काषित कर दिया है।

पार्टी में रहकर पार्टी के खिलाफ लगातार बयानबाजी कर रहे पूर्व मंत्री रोहिताश्व शर्मा को भाजपा ने 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। पार्टी ने पूर्व मंत्री शर्मा के बयानों को अनुशासनहीनता माना है। भाजपा (BJP) की अनुशासन समिति ने यह फैसला किया।

पूर्व मंत्री रोहिताश्व शर्मा ने एक बयान जारी कर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया के गुरुवार को हुए अलवर दौरे पर सवाल उठाए थे। शर्मा ने कहा था कि पूनियां के अलवर दौरे को लेकर जो उम्मीदें थीं वो पूरी नहीं हुईं। ऐसे में अब पार्टी विद डिफरेंस कहलाने वाली भाजपा भगवान के भरोसे है और काफी चिंता हो रही है। शर्मा के इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने इसे पार्टी विरोधी बयान माना।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रामलाल शर्मा और पूर्व प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज समेत कई भाजपा नेताओं ने शनिवार को रोहिताश्व शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग केंद्रीय नेतृत्व से की थी।

रामलाल शर्मा ने कहा था कि कुछ नेताओं की उत्पत्ति उस वक्त की तात्कालिक परिस्थितियों के कारण हुई है। ऐसे लोग पार्टी की रीति-नीति के बारे में नहीं समझते हैं, उन्हें यह नहीं पता है कि भारतीय जनता पार्टी किन आदर्शों और संस्कारों पर चलने वाली पार्टी है। इसलिए ऐसे परिस्थितिवश उत्पन्न नेता अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। ऐसे नेताओं के खिलाफ केंद्रीय नेतृत्व सख्त कार्रवाई करे।

इसके बाद रामलाल शर्मा के बयान पर पूर्व मंत्री रोहिताश शर्मा ने भी पलटवार किया था। उन्होंने कहा कि रामलाल शर्मा राजनीति में अभी बच्चे हैं, चाटुकारिता करते हैं, रीति-नीति का हमें ज्ञान न दें। इस बयानबाजी के बाद भाजपा की अनुशासन समिति ने रोहिताश्व शर्मा को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया।

इससे पहले भी रोहिताश्व शर्मा को पार्टी संगठन की ओर से 24 जून को गलत बयानबाजी मामले में नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा गया था। इसका जवाब शर्मा ने दे दिया और प्रदेश संगठन ने इस जवाब को जांच के लिए अनुशासन समिति को भेजा था। अनुशासन समिति इस मामले में जांच कर ही रही थी कि लगातार रोहिताश्व शर्मा के बयान सामने आते रहे।

प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां के अलवर दौरे को लेकर जिस प्रकार से शर्मा के बयान सामने आए, उसके बाद प्रदेश भाजपा संगठन ने सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया।

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