
माउंट आबू: राजस्थान का इकलौता हिल स्टेशन माउंट आबू अपनी खूबरसूरती और हरी-भरी वादियों की वजह से अलग पहचान रखता है। पिछले कुछ सालों में यहां के वन्यजीव पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। खासतौर पर यहां के भालुओं का जंगलों के साथ-साथ सड़कों पर भी राज है।

लॉकडाउन के चलते इंसानों की चहल-पहल बंद हुई तो भालुओं की आवाजाही रिहायशी वाले इलाके में पहले से ज्यादा बढ़ गई है। आए दिन भालु कॉलोनियों में अपने बच्चों के साथ घुमते नजर आते हैं। ऐसी ही एक तस्वीर सामने आयी है, जिसमें एक भालू अधर देवी की पहाड़ियों पर आसानी से फोटो शूट करवा रहा है।

वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर व नेचर ट्रेकर रवि सिंदल का जब भालू से आमना-सामना हुआ तो उन्होंने इसके फोटो क्लिक किए।

माउंट आबू के जंगलों में पैंथर और भालू समेत कई वन्यजीव है। लेकिन यहां भालुओं की संख्या सबसे ज्यादा है। अधिकारियों के अनुसार माउंट के जंगलों में 300 भालू है। इससे पहले भी कई बार लॉकडाउन में खाने की तलाश में यह कई बार सड़कों व कॉलोनियों तक भी पहुंच गए थे।संत सरोवर, ज्ञान सरोवर, देलवाड़ा, गुरु शिखर रोड समेत अन्य कई स्थानों पर यह चहल कदमी करते आसानी से दिख जाते हैं।
माउंट आबू में 326.099 हैक्टेयर किलोमीटर में वन्य जीव अभ्यरण फैला हुआ है। इस अभ्यरण की स्थापना 1960 में हुई थी। अभ्यरण में जंगली गुलाब और कारा ग्रास सिर्फ माउंट आबू के जंगल में ही पाए जाते हैं। इसके अलावा यहां पर 250 तरह के पक्षी पाए जाते हैं, जिनमें 155 तरह के स्पेशल बर्ड भी माउंट आबू में ही पाए जाते हैं।


