गिरिडीह:

मॉनसून की पहली बारिश ने ही गिरिडीह नगर निगम के स्वच्छता अभियान की पोल खोल कर रख दी। रविवार दोपहर बाद हुई जोरदार बारिश से जहां लोगों को बेतहाशा गर्मी से तो राहत मिली, लेकिन इस बारिश ने शहर को कूड़ेदान में तब्दील कर दिया।

जगह-जगह नालियों का पानी सड़कों पर जमा हो गया। सड़क में जल जमाव होने से यातायात काफी प्रभावित रहा और लोगों को आवागमन में काफी परेशानी उठानी पड़ी। शहर का झंडा मैदान तालाब नजर आने लगा, वहीं स्टेशन रोड़, गांधी चौक, बड़ा चौक मकतपुर, कालीबाड़ी, कॉलेज रोड की दशा बदहाल नजर आने लगी थी।

दरअसल गिरिडीह शहर को साफ़ और स्वच्छ रखने में मामले में पुरे देश में 58वां स्थान हासिल हुआ था. ऐसे में नगर निगम द्वारा शहर के साफ सफाई मामले में कितना गंभीर रहता है इसकी बानगी देखने को मिली वो भी स्वच्छता सर्वेक्षण आवार्ड लेने के दूसरे दिन ही. ऐसे में गिरिडीह में साफ सफाई को देखकर स्वच्छता सर्वेक्षण के मापदंडों पर भी सवाल उठने लगा है। लेकिन नगर निगम अभी भी अपनी उपलब्धि गिनाने में मशगूल है.
बताया जाता है कि शहर और आसपास के इलाकों को साफ सुथरा रखने के लिए स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छता रैंकिंग की घोषणा हुई थी. रैंकिंग में गंदगी से पटा रहने वाला गिरिडीह शहर को भारत सरकार ने स्वच्छता सर्वेक्षण में पूरे देश में 58वां स्थान दिया है.
इस बाबत लोगों का कहना है कि शहर के नाली एवं सड़कों की सफाई में काफी अनियमितता बरती जाती है। सफाई के नाम पर महज खाना पूर्ति हो रही है जिससे शहर का यह हाल बना हुआ है।


