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ट्रेनी IAS की सोच, तत्कालिन DC की पहल, सरज़मी पर उतरी ‘ LAB ON WHEEL’


देवघर:

15 नवबंर 2016 को पहली बार देवघर में ‘लैब आॅन व्हील‘ कार्यक्रम की शुरूआत की गयी थी. पहिये पर प्रयोगशाला की यह शुरूआत एक सोच थी, एक पहल थी. जिसे एक साल 2 माह बाद सर ज़मी पर उतारा गया है. 

लाब ओं व्हील                                                                             ' LAB ON WHEEL' को रवाना करते DC

इनोवेटिव झारखण्ड प्रोजेक्ट के तहत राज्य में पहली बार देवघर में ‘लैब आॅन व्हील‘ प्रयोगशाला की शुरूआत हुई है. देवघर उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा द्वारा हरी झंडी दिखाकर ‘लैब आॅन व्हील‘ को रवाना किया गया. मौके पर डीसी ने कहा कि ‘‘लैब आॅन व्हील’’ एक चलन्त प्रयोगशाला है. जो जिला के सभी स्कूलों में तय तारिख के अनुसार जाकर नौवीं-दसवीं कक्षाओं के बच्चों को विद्यालय परिसर में ही प्रायोगिक ज्ञान देगा. इस वाहन में प्रयोगशाला से संबंधित सभी उपकरण मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि देवघर, झारखंड राज्य का पहला जिला है. जहाँ इस प्रकार की सुविधा सरकारी स्कूलों के बच्चों को दी जा रही है. इसके साथ ही उपायुक्त ने विशेष रूप से पूर्व प्रशिक्षु आईएएस आदित्य रंजन को भी धन्यवाद दिया, जिनके नवीन सोच एवं प्रयास से यह कार्य संभव हो सका. 

तत्कालिन प्रशिक्षु आइएएस की थी सोचः

सरकारी विद्यालयों में विज्ञान के छात्रों को स्कूलों में प्रयोगशाला में हो रही परेशानी को देखते हुए देवघर में तत्कालिन प्रशिक्षु आइएएस आदित्य रंजन ने अपनी सोच से तत्कालिन उपायुक्त अरवा राजकमल को अवगत कराया था. जिसके बाद तत्कालिन डीसी ने इस ओर विशेष पहल की थी.

dc                                                                          (फाइल फ़ोटो: तत्कालीन DC अरवा राजकमल व ट्रेनी IAS आदित्य रंजन)

15 नवंबर 2016 को पहली बार लैब आॅन व्हील कार्यक्रम की शुरूआत 11 दिनों के लिए की गयी थी. पूणे से विज्ञान वाहिनी की पांच सदस्यीय टीम द्वारा देवघर के विभिन्न स्कूलों में जाकर प्रयोगशाला व प्रयोगिक ज्ञान की महत्ता से अवगत कराया गया था. 

क्या है लैब आॅन व्हीलः 

‘लैब आॅन व्हील‘-यह एक चलंत प्रयोगशाला है. इस वाहन में प्रायोगिक प्रयोगशाला से संबंधित उपकरणों के साथ-साथ प्रशिक्षक भी उपस्थित रहेंगें. प्रशिक्षक न केवल विद्यार्थियों को बल्कि शिक्षकों को भी ज्ञानार्जन कराएंगे. ताकि वे बच्चों को अच्छी तरह से प्रयोगशाला संबंधी ज्ञान दे सकें. चलंत प्रयोगशाला सभी सरकारी विद्यालयों में पहुंचेगी. खासकर नवमीं और दसमीं के बच्चों को साईंस का प्रैक्टिकल कराया जायेगा. जहां बच्चे विज्ञान विषय के विभिन्न प्रायोगिक ज्ञान से जुड़ेंगे और उसका पूरा फायदा उठायेंगे.  ‘‘लैब ऑन व्हील’’ विज्ञान से संबंधित जिन उपकरणों से लैस होंगे,  वे हैंः- Beaker, Bunsen Burner, Funnel, Test Tube, Wire Gauze, Screw Gauze, Pendulum, China Dish, Thermometer, Ring Stand, Conical Flask, Bottom Flask, Tripod Stand, Microscope, Test Tube Holder, Test Tube Stand, Metal Rod, Weight Hanger, Compass, Galvanometer, Watch Glass etc. 

देवघर उपायुक्त ने दी जानकारीः

देवघर उपायुक्त राहुल कुमार सिंहा ने बताया कि विभिन्न प्लस टू एवं उच्च विद्यालयों के लिए तिथिवार कार्यक्रम तय किये गए हैं, जिसके अनुसार यह वाहन स्कूलों में जाकर बच्चों का प्रायोगिक ज्ञानवर्द्धन करेगी. साथ ही जिला शिक्षा अधीक्षक को निदेशित किया गया है कि ‘‘लैब आॅन व्हील’’ का विद्यालय भ्रमण कार्यक्रम इस प्रकार तैयार किया जाय. एक माह के पश्चात पुनः लैब उस विद्यालय में जाय. ताकि गाँवों के उन बच्चों के लिए यह वरदान साबित हो सके, जिनके विद्यालय में शहर जैसी सुविधा उपलब्ध नहीं है. इस प्रयास से बच्चे विज्ञान विषय के विभिन्न प्रायोगिक ज्ञान से जुड़ेंगे एवं उसका पूरा फायदा उठायेंगे. इससे न केवल बच्चों के बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे प्राप्तांक आएंगे, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करते हुए आगे की शिक्षा के लिए भी बेहतर बुनियाद तैयार कर पायेंगे.

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