
Bhopal: मध्यप्रदेश में महिलाओं के शक्ति स्वरूपा बनकर काल से लड़ने की एक नहीं दो कहानियां सामने आई हैं। उमरिया में जहां एक महिला ने बाघ की जबड़े में 15 माह के बच्चे को जबड़े में भरने की कोशिश को नाकाम किया तो वहीं नाले में बह रहे एक युवक को एक महिला ने अपनी जान को दांव पर लगाते हुए नई जिंदगी देने में कामयाबी हासिल की।

उमरिया और भोपाल की यह दो ऐसी घटना हैं जिन पर आसानी से कोई भरोसा नहीं कर सकता, मगर सच्चाई यही है। उमरिया में स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के जंगल कि करीब स्थित गांव रोहनिया ज्वालामुखी से खेल रहे 15 माह के बच्चे को बाघ अपने जबड़े में दबाने की तैयारी में था, तभी उसकी 27 वर्षीय मा अर्चना ने बच्चे को झपट लिया, बाघ ने हमला कर दिया, जिसमें अर्चना घायल हुई और उसका पति राजवीर तथा बच्चा भी घायल हो गया। इस तरह महिला ने अपनी जान को जोखिम में डालकर आखिरकार बच्चे की जान बचा ही ली।

इसी तरह का एक अन्य वाकया राजधानी भोपाल का है, जहां नजीराबाद थाना क्षेत्र की रहने वाली हैं 32 वर्षीय रवीना। वे नल पर पानी भर रही थी और उनकी गोद में 10 माह का बच्चा था, इसी दौरान वह देखती हैं कि उफान मारते नाले में दो युवक बह रहे हैं, उनमें से एक युवक आवाज लगा रहा है दीदी बचा लो। यह आवाज सुनते ही रवीना अपने गोद में लिए बच्चे को जमीन में लिटाती है और खुद उफान मारते नाले में कूद गई। उसने एक युवक को सही सलामत नाले से बाहर निकाल दिया, मगर दूसरे को वह नहीं बचा पाई।(Input-IANS)


