
भोपाल: राज्य सरकार द्वारा महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने और महिलाओं के लिए रोजगार अवसरों को आसान बनाने के उद्देश्य लोक निर्माण विभाग द्वारा पहली बार ठेकेदारी के लिए पंजीकृत होने वाली मध्यप्रदेश की मूल निवासी महिला ठेकेदारों को पंजीयन शुल्क की छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में विभाग द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं।

लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा है कि राज्य शासन के इस निर्णय से सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री और डिप्लोमा करने वाली युवा महिलाओं तथा अन्य महिलाओं को शासकीय कांट्रेक्टर के रूप में कार्य करने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के क्रम में रोजगार संसाधनों के सृजन का जो लक्ष्य रखा गया है उसी कड़ी में एक कदम है।

प्रमुख सचिव लोक निर्माण नीरज मंडलोई ने मंगलवार को बताया कि राज्य सरकार द्वारा लोक निर्माण विभाग ठेकेदारों के पंजीयन की वर्तमान प्रचलित केंद्रीकृत व्यवस्था 2016 में संशोधन कर, सोल-प्रोपराइटर महिला ठेकेदारों को पंजीयन शुल्क से मुक्त किया गया है। लेकिन सोल – प्रोपराइटर महिला ठेकेदार फर्म को अन्य व्यक्तियों को सम्मिलित करते हुए,पार्टनरशिप फर्म अथवा कंपनी के रूप में पंजीकृत होने पर पूर्व के अनुसार पंजीयन शुल्क देना होगा।


