
भोपाल: मध्य प्रदेश में एक FCI के क्लर्क के घर जब CBI छापा मारने पहुंची तो नोटों के बंडल और सोने के जेवरात देख हैरान रह गयी। दरअसल, ये क्लर्क घोटाले कर-करके करोड़पति बन गया।

सूत्रों के मुताबिक गुड़गांव की एक सिक्योरिटी एजेंसी ने CBI की भोपाल ब्रांच में मामले की शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि FCI का क्लर्क किशोर मीणा (Kishor Meena) और मैनेजर समेत तीन लोग लगातार रिश्वत वसूल रहे हैं। इस शिकायत के बाद CBI ने जाल बिछाया और आरोपियों को रिश्वत के पैसे लेने के लिए एक मंदिर में बुलाया। वहां पहुंचने पर क्लर्क समेत तीन आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
करोड़ों रुपये और जेवरात बरामद

CBI की जांच में खुलासा हुआ कि किशोर मीणा (Kishor Meena) रिश्वत की सारी रकम अपने घर पर ही रखता है। इसके बाद सीबीआई ने शुक्रवार रात को छोला इलाके में रहने वाला क्लर्क किशोर के भोपाल में बने घर पर छापा मारा। वहां से सीबीआई ने 2.17 करोड़ रुपये और 8 किलो सोना बरामद किया। इसके साथ ही बड़ी मात्रा में चांदी भी मिली है। सीबीआई की टीम ने नोट गिनने की मशीन भी बरामद की है। जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार किए गए तीनों मैनेजर की रिश्वत की रकम भी क्लर्क किशोर ही अपने पास ही रखता था।
चौकीदार से क्लर्क बना था किशोर मीणा
बताया ये भी जा रहा कि किशोर मीणा इससे पहले FCI में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर नौकरी करता था। बड़े अफसरों के साथ भ्रष्टाचार में शामिल होने की वजह से उसे क्लर्क बना दिया गया था।


