Deoghar News : रिखिया थाना क्षेत्र के तरडीहा गांव में घर में घुसकर मारपीट करने, सास पर टांगी से हमला कर गंभीर रूप से घायल करने और एक लाख रुपये रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। इस संबंध में गांव निवासी उषा देवी पति बलराम यादव ने रिखिया थाना प्रभारी को प्राथमिकी दर्ज कराकर उचित कार्रवाई की मांग की है।

मामले में उषा देवी ने आरोप लगाया है कि 7 अक्टूबर की सुबह करीब सात बजे गांव के भोला यादव (55 वर्ष), उनकी पत्नी शांति देवी (50 वर्ष), प्रदीप यादव (30 वर्ष), भोथन यादव (60 वर्ष), नेहा देवी (35 वर्ष) और राजकिशोर यादव (20 वर्ष) एक साथ उनके घर में घुस गए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने लगे। आरोपितों ने उनके पति बलराम यादव के बारे में पूछते हुए कहा कि आज उसे जान से मार देंगे।

दर्ज मामले के अनुसार, इसी दौरान उनकी सास सिया देवी सामने आईं तो उन पर टांगी से हमला कर दिया गया। बचाव में हाथ आगे करने पर उनका हाथ कट गया और काफी खून बहने लगा। इसके बाद प्रदीप यादव ने दोबारा टांगी से उनके माथे पर वार कर दिया, जिससे उन्हें गहरा जख्म हो गया और वह बेहोश होकर गिर पड़ीं।
मामले में आरोप लगाया गया है कि भोला यादव, शांति देवी और राजकिशोर यादव ने मिलकर गाय का गोहाल तोड़ दिया, जिससे करीब 20 हजार रुपये का नुकसान हुआ। उषा देवी ने आरोप लगाया कि जब वह अपनी सास को बचाने पहुंचीं तो भोला यादव ने गलत नीयत से उनकी साड़ी और ब्लाउज फाड़ दिया। साथ ही, आरोपितों ने एक लाख रुपये रंगदारी देने के बाद ही खेत जोतने देने की बात कही और रुपये नहीं देने पर घर छोड़कर भाग जाने की धमकी दी।
सदर अस्पताल में सास का चल रहा इलाज
सिया देवी को गंभीर चोट लगने के बाद इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। आवेदन के अनुसार, सास को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद जब उनके पति बलराम यादव घर लौटे तो चापाकल के पास भोला यादव, भोथन यादव, प्रदीप यादव, राजकिशोर यादव और नेहा देवी ने उन्हें घेर लिया।
आरोप है कि उनके साथ मारपीट करते हुए गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की गई। इसी दौरान प्रदीप यादव ने मुक्का मारकर उनकी नाक घायल कर दी, जिससे काफी खून बहने लगा। उषा देवी ने मामले में बताया है कि सास के इलाज में विलंब होने के कारण वह थाना में मामला दर्ज कराने बाद में पहुंची । उन्होंने मामले की छानबीन कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है



