
Deoghar News : बोकारो से शुरू हुआ वेतन मद में ट्रेजरी से अवैध निकासी का मामले की आंच अब देवघर तक पहुंच गया है. यहां सबसे बड़ा घोटला स्वास्थ्य विभाग में निकला। अब तक एक तरफ मामले की जांच की जा रही है तो दूसरी तरफ कानूनी प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।

स्वास्थ्य विभाग में केवल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सारवां में 9906762 लाख रुपये की वेतन मद में अवैध निकासी करने का मामला सामने आ चुका है। इस सारे खेल को अंजाम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तत्कालीन लेखा लिपिक सविता कुमारी द्वारा दिया गया।

वेतन मद में अवैध निकासी वित्तीय वर्ष 2017-18 व 2018-19 में दी गई है। जांच प्रक्रिया में मामला सामने आने के बाद सीएचसी प्रभारी द्वारा सारवां थाना में कार्यालय से अवैध निकासी कर गबन का मामला दर्ज कराया है।
मामले में तत्कालीन लेखा लिपिक व वर्तमान में सिविल सर्जन कार्यालय में पदस्थापित सविता कुमारी को आरोपित बनाया गया है।
अवैध निकासी के लिए कई खातों का किया गया इस्तेमाल
अवैध निकासी कराए जाने के बाद राशि को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कराया गया। एक खाता तो मुख्य आरोपित महिला लेखा लिपिक का ही है जबकि अन्य राशि को किसी बिंदु कुमारी, प्रभात कुमार, प्रियंका कुमारी व अनिल कुमार दास के खाता में राशि का भुगतान कराया।
जिसमें लेखा लिपिक ने अपने खाता में 2873592, बिंदु कुमारी के खाता में 1933935, प्रभात कुमार के खाते में 2498106 और प्रियंका कुमारी के खाते में 2238436 रुपये की निकासी कर जमा कराया गया।
इन कर्मियों के वेतन मद से की अवैध निकासी
दर्ज एफआइआर में जिक्र है कि उक्त महिला लेखा लिपिक द्वारा विभिन्न विपत्रों के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2017-18 व 2018-19 में अपने खाता में आलोक बनर्जी, सुलोचना कुमारी, कुमारी लक्खी सहित अन्य कर्मियों के नाम पर अवैध निकासी कर 2873592 रुपये का भुगतान कराया।
इसके अलावा जिवलाल मेहरा, सुरसरी देवी सहित अन्य कर्मियों का कुल राशि 1933935 रुपये की अवैध निकासी कर बिंदु कुमारी के खाते में जमा कराया गया।
वहीं कर्मी अनिता कुमरी, कुशुमलता सिन्हा सहित अन्य कर्मियों का कुल 2498106 रुपये की अवैध निकासी कर प्रभात कुमार के खाते में जमा कराया गया। साथ ही कुमारी लक्खी, कलावती कुमारी व अन्य कर्मियों का कुल 2238436 रुपये की अवैध निकासी कर प्रियंका कुमारी के खाते में जमा कराया गया।
जबकि कलावती कुमारी सहित अन्य कर्मियों के खाते से 362693 रुपये की अवैध निकासी कर अनिल कुमार दास के खाते में भुगतान कराया गया।


