
Deoghar: देवघर जिले के कुंडा स्थित एक होटल सभागार में आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य योजना अंतर्गत प्रमंडलीय कार्यशाला का आयोजन किया।

इस कार्यशाला में प्रमंडल के सभी छः जिला के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कार्य कर रहे आयुष्मान मित्र एवं उस संस्थान के एक चिकित्सा पदाधिकारी जो आयुष्मान योजना के कार्यों से जुड़े है वे सभी शामिल थे।

इस कार्यशाला का उद्घाटन संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। राज्य से आए सभी प्रतिनिधियों को पुष्प गुच्छ दे कर स्वागत किया गया।
दीप प्रज्वलन संयुक्त रूप से सदर अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ सुषमा वर्मा, आयुष्मान भारत योजना के नोडल पदाधिकारी डॉ शरद कुमार, राज्य से आई प्रतिनिधि अनुपमा सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबन्धक नीरज कुमार द्वारा किया गया।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य था कि आयुष्मान लाभुकों को सहज,सरल स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराया जा सके साथ ही मरीज के भर्ती होने से उनके पूरे इलाज के प्रक्रिया तक किस तरह उनके इलाज से संबंधित कागजों को आयुष्मान के पोर्टल पर सही तरीके से अपलोड करना है ताकि उस मरीज का केस रिजेक्ट नहीं हो। क्योंकि मरीज के इलाज की जो राशि है वह इंश्योरेंस कंपनी अस्पताल को मुहैया कराती है।
उस उपार्जित राशि का 85% पैसा अस्पताल के उत्थान एवं अन्य चीजों में खर्च होता है जबकि 15% राशि मरीज का इलाज किए हुए चिकित्सकों,कर्मियों एवं अन्य सहयोगियों को मिलता है।अक्सर देखा जाता है कि कुछ तकनीकी खामियों के कारण मरीज के इलाज को इंश्योरेंस कंपनी द्वारा रिजेक्ट कर दिया जाता जिससे उसका राशि अस्पताल को उपलब्ध नहीं हो पाता है।
कार्यशाला में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के दो प्रतिनिधि भी राज्य से आए और उनके द्वारा भी बताया गया कि क्या क्या कागजात कब और कैसे अपलोड करना है जिससे रिजेक्ट नहीं हो।
राज्य स्वास्थ्य ऑथोरिटी की अनुपमा सिंह ने सभी आयुष्मान मित्रों को बताया कि आयुष्मान कार्ड किनका बनना है,कैसे बनना है और मरीज जब अस्पताल आए तो उनको कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़े और उनका इलाज सुलभता पूर्वक हो सके।
इस कार्यक्रम में लगभग 100 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।इस मौके पर आयुष्मान भारत योजना के जिला कार्यक्रम मृगेंद्र कुमार,इंश्योरेंस कंपनी के जिला समन्वयक अनिल कुमार सहित कई लोग उपस्थित थे।



