
Deoghar: देवघर जिले के जसीडीह जसीडीह औद्योगिक क्षेत्र (बाबूडीह गांव) में जमीन अधिग्रहण को लेकर बुधवार को पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच झड़प हो गई, जिससे इलाके में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल हो गया।

दरअसल, प्रशासन की ओर से जमीन को औद्योगिक उपयोग के लिए अधिग्रहित करने की प्रक्रिया चल रही थी। जियाडा की टीम पुलिस बल के साथ जमीन पर कार्य करने पहुंची थी। तभी कुछ ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और हालात बिगड़ गए। घटना की सूचना मिलते ही जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और बिगड़ते हालात को संभालने की कोशिश करने में जुट गए।

इस संबंध में देवघर के अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि संबंधित जमीन का अधिग्रहण साल 1977 में ही सरकार द्वारा किया जा चुका था, उस समय जमीन के बदले मुआवजा भी दिया गया था। उन्होंने बताया कि तीन साल पहले इस जमीन को जियाडा (झारखंड इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी) को हस्तांतरित कर दिया गया था। जियाडा इस जमीन पर उद्योग स्थापित करना चाहती है, जिससे क्षेत्र में विकास और रोजगार के अवसर बढ़ सके।
प्रशासन के मुताबिक, जमीन को औपचारिक रूप से जियाडा के कब्जे में देने की प्रक्रिया चल रही थी। इसकी सूचना मिलते ही दर्जनों महिला और पुरुष मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने जेसीबी मशीन के आगे खड़े होकर विरोध जताना शुरू कर दिया। देखते ही देखते विरोध तेज हो गया। स्थिति तनावपूर्ण होती देख प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया। बताया जा रहा कि कुछ लोगों ने पुलिस पर तीर-धनुष और पत्थरों से हमला कर दिया। इस घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
घटना के बाद मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन ने लोगों को समझाने और स्थिति को शांत करने की कोशिश की। कुछ देर तनावी हालात पर काबू पा लिया गया है। इसके बाद जमीन से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई। ग्रामीणों के विरोध के बावजूद शांति व्यवस्था बनाए रखते हुए आज पोजेशन दिलाया गया। पूरी कार्रवाई एसडीओ रवि कुमार की निगरानी में संपन्न हुई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह जमीन पूर्व में अधिग्रहित है और विधि-सम्मत प्रक्रिया के तहत ही इसका दखल दिलाया गया है।
इधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि वे अपनी जमीन वापस चाहते हैं। इस मामले को लेकर उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। हालांकि अदालत ने फैसला सरकार के पक्ष में सुनाया है। इसके बावजूद भी कुछ लोग जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं।
फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य बताई जा रही है लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं। ग्रामीणों की नाराजगी को देखते हुए प्रशासन ने बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की बात भी कही है।


