
Godda: गोड्डा से बड़ी खबर है। सूर्या हांसदा पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है। एसपी मुकेश कुमार ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है।

जानकारी के अनुसार, सूर्या अपराधिक मामलों में फरार चल रहा था। रविवार को देवघर के मोहनपुर नावाडीह स्थित मौसी के घर से गिरफ्तार करने के बाद उसे लाया जा रहा था। रात में पुलिस सूर्या को अपने साथ जांच के लिए बोआरीजोर थाना क्षेत्र के जिरली समारी पहाड़ी पर छुपाए गए हथियार को बरामद करने गई थी, जहां पुलिस टीम पर उसने हमला कर दिया गया और भागने लगा। इस दौरान जवाबी कार्रवाई में सूर्या हांसदा मारा गया।


पुलिस ने सूर्या हांसदा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। इधर सूर्या के एनकाउंटर की सूचना पर ग्रामीणों की भारी संख्या में भीड़ जमा हो गई है। पुलिस भी मौके पर कैंप कर रही है। बेटे का शव ले जाती पुलिस की गाड़ी को सूर्या की मां ने रोकने का भी प्रयास किया।
बीजेपी के टिकट से लड़ चुके थे विधानसभा चुनाव
ललमटिया थाना क्षेत्र के डकैता गांव निवासी सूर्या हांसदा पूर्व में भाजपा के नेता रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में जब भाजपा ने बोरियो से लोबिन हेम्ब्रम को टिकट दिया था, तब सूर्या हांसदा ने जयराम महतो की पार्टी जेएलकेएम से टिकट लेकर चुनाव लड़ा था, हालांकि, चुनाव में उनकी बुरी हार हुई थी। सूर्या हांसदा ने 2019 में बोरियो विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था और दूसरे स्थान पर रहे थे। पार्टी ने बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष ताला मरांडी का टिकट काट कर सूर्या हांसदा पर भरोसा जताया था।
युवा नेता की पहचान रखने वाले सूर्या तीन बार चुनाव हार चुके थे। उन्होंने दो बार जेवीएम और एक बार बीजेपी से अपनी किस्मत आजमायी थी। सूर्या हांसदा पर दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं।
सूर्या हांसदा का रहा है आपराधिक इतिहास
सूर्या हांसदा का आपराधिक इतिहास भी रहा है। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सूर्या हांसदा के खिलाफ दर्जनों मामले दर्ज हैं। उनका नाम अडानी कंपनी के वाटर पाइप लाइन कार्य में लगे वाहनों में आगजनी मामले में भी सामने आया था। मामले का खुलासा होने के बाद सूर्या हांसदा गिरफ्तारी से बचने के लिए कई दिनों तक फरार थे।
दरअसल 9 जनवरी 2020 को गोड्डा जिले के ठाकुरगंगटी थाना क्षेत्र के बहादुरचक के पास अडानी कंपनी की वाटर पाइपलाइन परियोजना में लगे वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था। जांच में सामने आया कि इस घटना की साजिश सूर्या हांसदा ने रची थी।
इसके अलावा साहिबगंज के क्रशर मिल में ट्रक और ट्रक जलाने के मामले में भी सूर्या शामिल था। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लंबे समय से छापेमारी कर रही थी।
इधर , बोआरीजोर थाना क्षेत्र के जिरली पंचायत के सामरी, राहरबरिया और जालोकुंडी के बीच पहाड़ियों में पुलिस प्रशासन के जवान जमे हुए हैं।
एसपी मुकेश कुमार ने पुलिस मुठभेड़ में सूर्या हांसदा के मारे जाने की पुष्टि की है। एसपी ने बताया कि सूर्या को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की एक टीम गई थी। एसपी आज शाम चार बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी देंगे।



