
Ranchi: गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे की पत्नी के खिलाफ देवघर के जसीडीह थाना में दर्ज हुए केस की जांच प्रकिया पर उच्च न्यायालय ने रोक लगा दिया है।

हाई कोर्ट ने सीधे तौर पर माना है कि ये मामला अपराधिक नहीं है। जिसे नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सत्य की जीत बताया है।

बाबूलाल ने कहा ” सत्यमेव जयते! कल ही मैंने मुख्यमंत्री हेमंत जी को चेताया था कि सांसद निशिकांत दुबे के परिवार पर राजनीतिक प्रतिशोध के तहत कार्रवाई की जा रही है। आज झारखंड उच्च न्यायालय ने उस पर मुहर लगा दी है। उच्च न्यायालय ने सांसद निशिकांत दुबे की पत्नी के खिलाफ दर्ज केस की संपूर्ण जांच प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगा दी है। न्यायालय ने स्पष्ट माना कि प्रथम दृष्टया यह कोई आपराधिक मामला नहीं बनता।
बाबूलाल ने कहा मुख्यमंत्री जी आपके अधिकारियों की कार्यशैली पर यह गंभीर सवाल है। राजनीतिक लड़ाई राजनीतिक मैदान में लड़ें, परिवारों को और झूठे मुकदमों को इसका हथियार न बनाएं। ऐसे अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई करें जो आपकी सरकार की छवि को धूमिल कर रहे हैं।”
बता दें कि देवघर के जसीडीह थाना में सांसद की पत्नी अनामिका गौतम के खिलाफ केस दर्ज दर्ज हुआ है। इसमें अनामिका गौतम की अध्यक्षता वाली संस्था बाबा वैद्यनाथ ट्रस्ट की ओर से एक जमीन पर मेडिकल कॉलेज खोलने का नाजायज तरीके से प्रयास किये जाने का आरोप लगा है।
अनामिका गौतम के खिलाफ 47वां केस दर्ज होने पर सूबे में राजनीति सरगर्मी बढ़ी हुई थी।


