
Deoghar: झारखंड के देवघर जिले के एक छोटे से गाँव रोहिणी से जुड़ाव रखने वाले 12 वर्षीय अथर्व वर्मा ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है — उनका चयन प्रतिष्ठित Oxford Young Explorers Summer Boarding Course के लिए हुआ है।

यह पूर्ण आवासीय अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम जुलाई 2025 में यूनाइटेड किंगडम की विश्वप्रसिद्ध University of Oxford के पास स्थित Dragon School में आयोजित होगा। यह अवसर न केवल अथर्व के परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देवघर और झारखंड के लिए गर्व का क्षण है।

अथर्व की प्रारंभिक शिक्षा देवघर के ‘Happy Feet’ प्री-स्कूल से शुरू हुई। इसके बाद उन्होंने पटना के Maple Bear Canadian School में पढ़ाई की I वर्तमान में वह साइबोर्ड स्कूल के छठी कक्षा के छात्र हैं, और चंडीगढ़ में रहते हैं I
उनका चयन उनकी समग्र प्रोफ़ाइल — जिसमें उनकी अंग्रेजी परीक्षा, रचनात्मक कार्य, और उनके YouTube चैनल “Atharva Creates” की विशिष्टता शामिल है — के आधार पर किया गया है। उन्हें कार्यक्रम के लिए आंशिक छात्रवृत्ति प्रदान की गई है, और शेष खर्चों के लिए वे क्राउडफंडिंग के माध्यम से धन जुटाने की योजना बना रहे हैं — यह अथर्व के लिए उद्यमिता और जिम्मेदारी की दुनिया में पहला कदम है।
बता दें कि समर प्रोग्राम विशेष रूप से 13 वर्ष से कम आयु के छात्रों के लिए डिज़ाइन किया गया है और सीखने व रोमांच का एक आदर्श मिश्रण प्रदान करता है। इसमें पढ़ाए जाने वाले विषयों में अंग्रेज़ी, गणित, विज्ञान, इतिहास, कला व डिज़ाइन, और आज के दौर के अत्याधुनिक क्षेत्र जैसे Artificial Intelligence और Robotics शामिल हैं।
कार्यक्रम का ढांचा चार चरणों पर आधारित है — Discover, Develop, Dare और Showtime — जो छात्रों को आत्मविश्वास, आलोचनात्मक सोच और रचनात्मकता में वृद्धि करने के लिए प्रेरित करता है।
अथर्व ने अपने बचपन के प्रारंभिक वर्ष देवघर में बिताए हैं, जहाँ से उनका गहरा जुड़ाव है। उन्हें DIY क्राफ्ट, पेंटिंग, डिजाइनिंग, और कहानी सुनाने में गहरी रुचि है। उनके YouTube चैनल “Atharva Creates” पर 2000 से अधिक सब्सक्राइबर हैं और वहाँ वे अपने क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स, मज़ेदार व्लॉग्स और आर्ट वर्क्स साझा करते हैं।
खेलों में भी अथर्व की गहरी रुचि है, विशेष रूप से फुटबॉल में। वे क्रिस्टियानो रोनाल्डो के बड़े प्रशंसक हैं और उनके जैसे ही अनुशासन, कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता में विश्वास करते हैं।
अथर्व का अपनी छोटी बहन अथिरा वर्मा के साथ भी एक खास रिश्ता है। दोनों मिलकर कटिंग, पेस्टिंग, पेंटिंग और शिल्प निर्माण करते हैं — उनकी साझा रचनात्मकता न केवल उनके रिश्ते को मज़बूत बनाती है, बल्कि उनके व्यक्तित्व को भी संवारती है।
इस उपलब्धि के पीछे अथर्व का प्यार करने वाला और प्रेरक परिवार है।
उनके पिता, दीप सागर वर्मा, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) में फैशन शिक्षाविद हैं, और अथर्व को सोचने और सवाल पूछने के लिए प्रेरित करते हैं।
उनकी माँ, पूजा श्रीवास्तव, एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और अथर्व को संवेदनशीलता और विवेक का मार्ग दिखाती हैं।
उनकी दादी, श्रीमती आशा प्रसाद, जो एक सेवानिवृत्त स्कूल शिक्षिका हैं, ने अथर्व में पढ़ने, सीखने और मूल्यों के प्रति प्रेम का बीजारोपण किया है।
दादी आशा गर्व से कहती हैं, “मुझे अथर्व पर बहुत गर्व है। ऑक्सफोर्ड की यह यात्रा उसे सीखने, बढ़ने और और भी ज़्यादा चमकने में मदद करेगी।”
आज अथर्व अपने रचनात्मक सपनों को वैश्विक स्तर पर आकार देने के लिए तैयार हैं। उनके पास अवसर है कि वे दुनियाभर के बच्चों के साथ जुड़कर, एक नया अनुभव हासिल करें, और अपने भविष्य की बुनियाद मज़बूत करें।
यह केवल विदेश यात्रा की कहानी नहीं, बल्कि एक युवा भारतीय प्रतिभा की उड़ान है — जो अपने कल्पनाशक्ति, मेहनत और समर्थन के बल पर दुनिया की ओर कदम बढ़ा रहा है।
देवघर के लिए यह गर्व की घड़ी है। पूरी उम्मीद है कि अथर्व वर्मा की यह रचनात्मक यात्रा आने वाले वर्षों में और भी चमकेगी।


