
Deoghar: कौन कहता है आसमां में सुराख़ नहीं होते, एक पत्थर तबियत से तो उछालो यारो… इस कहावत को चरितार्थ किया है, संत माइकल एंग्लो विद्यालय देवघर के पूर्ववर्ती छात्र अभिषेक राज ने। गत दिनों नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘रिपब्लिक प्लेनरी समिट 2025’ में संत माइकल एंग्लो विद्यालय के पूर्ववर्ती छात्र युवा वैज्ञानिक अभिषेक राज को ‘भारत का सबसे प्रतिष्ठित युवा हैकाथॉन पुरस्कार से नवाजा गया।

अभिषेक राज को यह सम्मान केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में दिया गया। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, अश्विनी वैष्णव, आध्यात्मिक नेता गुरुदेव श्री श्री रविशंकर, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कई अन्य प्रमुख नेता व अर्णव गोस्वामी भी इस क्षण के गवाह बने।

अनलीश फ्रेशनेस व रिपब्लिक टीवी द्वारा आयोजित ‘लिमिटलेस इंडिया यूथ हैकाथॉन’ कार्यक्रम में 30 वर्ष से कम आयु के उन प्रतिभाशाली युवा वैज्ञानिकों का सम्मान करता है जो भारत के भविष्य को आकार देने में जुटे हैं। 9 श्रेणियों में आयोजित इस यूथ हैकाथॉन प्रतियोगिता का मूल्यांकन करने वाले सम्मानित जूरी सदस्यों में से इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथन एक थे। इन प्रतिष्ठित जूरी सदस्यों द्वारा हजारों सबसे महत्वपूर्ण विचारों की जांच की गई और 9 सबसे अधिक उत्कृष्ट महत्वपूर्ण अभिनव विचारों का चयन किया गया।

विजेताओं की घोषणा रिपब्लिक प्लेनरी समिट 2025 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में की गई। अभिषेक राज को मिले इस सम्मान ने संत माइकल एंग्लो विद्यालय के परचम को देश भर में लहराया।
ज्ञात हो कि अभिषेक राज भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान का दूसरे सेमेस्टर का छात्र है। इन्होंने देवघर के संत माइकल एंग्लो विद्यालय से पढ़ाई पूरी की है। अभिषेक राज को जिस परियोजना को चुना गया है वह शहरों में प्लास्टिक कचरे से निपटने के लिए एक क्राउडसोर्सिंग ऐप, बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन के लिए समुदायों को संगठित करना है। जिसका उद्देश्य प्लास्टिक रीसाइक्लिंग दर को लगभग 15% से 90% तक सुधारना था। अभिषेक ने मिले इस सम्मान को अपनी माता उषा देवी जो कि खादी भंडार में कार्यरत हैं, पापा नरेश मंडल एक प्राइवेट ट्युटर हैं और गुरु डॉ. जे.सी.राज को डेडिकेट किया है। अभिषेक ने कहा कि इन तीनों की प्रेरणा ने ही भारत का सबसे प्रतिष्ठित युवा हैकाथॉन पुरस्कार जीतने लायक बनाया। अभिषेक को मिले इस पुरस्कार से देवघर के शिक्षा जगत में खुशी की लहर है।
अभिषेक को मिले इस प्रतिष्ठित पुरस्कार पर डॉ. जे.सी.राज ने एक ओर जहां अभिषेक को इस सफलता पर बधाई दी हैं वहीं डॉ. जे.सी.राज ने उन्हें संत माइकल एंग्लो रत्न सम्मान 2025 देने की घोषणा की है। साथ ही डॉ राज ने कहा कि चंद्रयान-3 मिशन की सफलता में अहम भूमिका निभा चुकी इसरो साइंटिस्ट कोमल वर्मा भी संत माइकल एंग्लो विद्यालय की पूर्ववर्ती छात्रा हैं, इन्हें भी संत माइकल एंग्लो रत्न सम्मान 2025 से नवाजा जाएगा। इसके अलावा बिहार में सिविल जज के रूप कार्यरत राहुल किशोर, युवा साइंटिस्ट प्रेरणा व पियूष सहित बीस पूर्ववर्ती छात्रों को संत माइकल एंग्लो रत्न सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।



