
Deoghar: जेपीएससी मेधा घोटाले में सीबीआई कोर्ट ने 60 लोगों को समन भेजा है। बताया जाता है कि इनमें देवघर नगर निगम के आयुक्त रोहित सिन्हा, सारवां बीडीओ रजनीश कुमार, मोहनपुर बीडीओ संतोष कुमार चौधरी भी शामिल हैं।

जेपीएससी मेधा घोटाले में चार्जशीट होने से अधिकारियों की वित्तीय शक्तियां छीनी जा सकती है।सीबीआई कोर्ट ने आरोपियों को उपस्थित होने के लिए 15 अप्रैल की तिथि निर्धारित की है।

जानकारी के अनुसार, देवघर में पदस्थापित इन तीन अधिकारियों के खिलाफ भी सीबीआइ ने चार्जशीट दाखिल की है। सीबीआई कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए इनलोगों के खिलाफ समन जारी किया है।
सीबीआइ ने द्वितीय जेपीएससी नियुक्ति घोटाले मामले में 12 साल में जांच पूरी करते हुए अक्तूबर में जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष दिलीप प्रसाद सहित 60 लोक सेवकों के खिलाफ सीबीआइ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें 28 अफसरों का नाम शामिल है। अदालत ने जिन लोगों पर संज्ञान लिया है, उसमें ऐसे नाम भी है जो वर्तमान में प्रोन्नति पाकर एसपी बन कर जिला संभाल रहे हैं।
सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा की अदालत ने दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए आरोपियों के खिलाफ समन जारी किया है। बताया जाता है कि सीबीआई ने चार्जशीट में खुलासा किया है कि जेपीएससी के तत्कालीन सदस्य और को-आर्डिनेटर के कहने पर 12 परीक्षार्थियों के नंबर बढ़ाये गये थे।
कई अभ्यर्थियों की कॉपियों में काट-छांट कर नंबर बढ़ाये गये और सफल उम्मीदवारों के इंटरव्यू में मिले वास्तविक नंबर को भी बढ़ाया गया।
हाइकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान वर्ष 2012 में इस मामले की जांच सीबीआइ को सौंपी थी। इससे पहले पिछले वर्ष मई में सीबीआई ने 37 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी।
इन लोगों के खिलाफ समन जारी
अदालत ने मामले में जिन लोगों को 15 अप्रैल को हाजिर होने के लिए समन जारी किया है, उनमें पदाधिकारियों में तत्कालीन अध्यक्ष दिलीप प्रसाद, तत्कालीन वरीय सदस्य गोपाल प्रसाद सिंह, सदस्य शांति देवी, सदस्य राधा गोविंद, परीक्षा नियंत्रक एलिस उषा रानी व असिस्टेंट को-ऑर्डिनेटर अरविंद सिंह शामिल हैं।
वहीं परीक्षकों में इंटरव्यू एक्सपर्ट प्रो नंदलाल, परीक्षक डॉ मुनींद्र कुमार तिवारी, रघुवीर सिंह तोमर, डॉ शिव बहादुर सिंह, प्रो. ओंकारनाथ सिंह, डॉ सुधीर कुमार शुक्ला, प्रो. अमरनाथ सिंह, डॉ दीनानाथ सिंह, डॉ राजेंद्र प्रसाद सिंह, डॉ ओम प्रकाश सिंह, डॉ योगेद्र सिंह, डॉ मिथिलेश कुमार सिंह, डॉ रवि प्रकाश पांडेय, डॉ बंशीधर पांडे, दिवाकर लाल श्रीवास्तव, डॉ सियाराम सिंह यादव, प्रदीप कुमार पांडे, डॉ मधुसूदन मिश्रा, डॉ सभाजीत सिंह यादव, डॉ एसडी सिंह, डॉ अशोक कुमार सिंह, महेंद्र मोहन वर्मा, तुलसी नारायण मुंडा, कोऑर्डिनेटर परमानंद सिंह, अलबर्ट टोप्पो, सोहन राम, परीक्षा एजेंसी के धीरज कुमार के अलावा,
अभ्यर्थियों में राधा प्रेम किशोर, बिनोद राम, हरि शंकर बड़ाइक, हरिहर सिंह मुंडा, रवि कुमार कुजूर, मुकेश कुमार महतो, कुंदन कुमार सिंह, मौसमी नागेश, कानू राम नाग, प्रकाश कुमार, संगीता कुमारी, रजनीश कुमार, शिवेंद्र, संतोष कुमार चौधरी, शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव, अमित कुमार, राहुल जी आनंद जी, इंद्रजीत सिंह, शिशिर कुमार सिंह, राजीव कुमार सिंह, रामकृष्ण कुमार, प्रमोद राम, अरविंद कुमार, विकास कुमार पांडे, मनोज कुमार, सुदामा कुमार एवं कुमुद कुमार का नाम शामिल हैं।


